फर्जी साइन से निकले करोड़ों रुपये, वन विभाग में 3.84 करोड़ के भुगतान पर बड़ा घोटाला उजागर

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फर्जी साइन से निकले करोड़ों रुपये, वन विभाग में 3.84 करोड़ के भुगतान पर बड़ा घोटाला उजागर

सीहोर। वन विभाग में एसडीओ के फर्जी हस्ताक्षर से करोड़ों रुपये के भुगतान का बड़ा मामला सामने आया है। उप वनमंडलाधिकारी सीहोर (सामान्य) राजेश शर्मा का आरोप है कि अतिरिक्त प्रभार के दौरान उनके फर्जी हस्ताक्षर कर कैंपा मद से लगभग तीन करोड़ 84 लाख 54 हजार 333 रुपये का भुगतान किया गया है।
गड़बड़ी सामने आने पर विभाग ने जांच तो कराई लेकिन छह माह बाद भी जिम्मेदारी तय नहीं पाया। एसडीओ राजेश शर्मा के अनुसार वे 31 दिसंबर 2023 से 16 मार्च 2024 तक उपवनमंडल बुधनी (सामान्य) के अतिरिक्त प्रभार पर थे। इस दौरान कुल एक करोड़ 78 लाख 91 हजार 450 रुपये के प्रमाणक प्रस्तुत हुए, जिन्हें नियमानुसार सत्यापित कर भुगतान के लिए वनमंडल कार्यालय सीहोर भेजा।
पेमेंट फर्जी साइन पर हुआ
बाद में जानकारी मिली कि उनके हस्ताक्षरयुक्त प्रमाणकों के आधार पर कुल पांच करोड़ 63 लाख 45 हजार 783 रुपये का भुगतान कर दिया गया। यानी करीब 3.84 करोड़ रुपये का भुगतान उनके फर्जी हस्ताक्षर पर हुआ है। कई प्रमाणकों को आवक दर्ज किए बिना ही क्रमांक आवंटित कर वनमंडल कार्यालय भेज दिया। 16 मार्च 2024 को उनके प्रभार छोड़ने के दिन ही लगभग 76 लाख 28 हजार 484 रुपये के 15 प्रमाणक डिस्पैच किए गए।
वाहन-डीजल व्यय, जल संचयन संरचना निर्माण कार्य, गेट फिक्सिंग कार्य, नर्मदा रेत क्रय व गोबर खाद क्रय सहित अन्य निर्माण कार्य से संबंधित इन प्रमाणकों पर वन परिक्षेत्र अधिकारी एमपी सिंह बुधनी के हस्ताक्षर थे। डीएफओ बोलीं-प्रमाणक पर हस्ताक्षर किसके, स्पष्ट नहीं।
दिसंबर में रिपोर्ट सौंप दी थी
उपवनमंडलाधिकारी सीहोर (सामान्य) एल्विन बर्मन के नेतृत्व वाली तीन सदस्यी टीम ने मामले की जांच कर दिसंबर 2025 में रिपोर्ट सौंप दी थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई। डीएफओ अर्चना पटेल का कहना है कि जांच टीम ने मौके पर जाकर सत्यापन किया था। प्रमाणक पर हस्ताक्षर किसके हैं यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया। बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा दिया जाने वाला कैंपा वन विभाग का विशेष कोष है, जिसका उपयोग जंगलों की क्षति की भरपाई के लिए किया जाता है।

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