कलेक्टर प्रतिभा पाल का कड़ा रुख: लापरवाही बरतने वाले दो अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश

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कलेक्टर प्रतिभा पाल का कड़ा रुख: लापरवाही बरतने वाले दो अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश

नामांतरण और सीमांकन में देरी पर: 3 से 6 महीने के लंबित मामलों पर नोटिस

समय सीमा बैठक संपन्न

सागर। जिला कलेक्टरेट सभागार में आयोजित समय-सीमा  बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय योजनाओं की प्रगति और जनसमस्याओं के निराकरण को लेकर सख्त रुख अपनाया। लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आम जनता के काम में किसी भी स्तर पर ढिलाई  नहीं बरती जाए। कार्यों के प्रति उदासीनता पाए जाने पर उन्होंने कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और दो अधिकारियों का वेतन आगामी आदेश तक रोकने के कड़े निर्देश दिए हैं।

सिविल सर्जन और सीएमओ का वेतन रोका

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के कार्यों में पाई गई विसंगतियों और लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने तत्काल प्रभाव से दो महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुखों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की।
लगातार दिए गए निर्देशों के बावजूद समय सीमा बैठक में अनुपस्थित रहने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और विभागीय कार्यों की असंतोषजनक प्रगति के कारण सिविल सर्जन का वेतन आगामी आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार सीएमओ कर्रापुर द्वारा कार्यों की  अनदेखी करने और लंबित प्रकरणों को क्लियर न करने पर उनका वेतन भी तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक रोक दिया गया।राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पाया कि नामांतरण और सीमांकन जैसे आम नागरिक से सीधे जुड़े कार्यों में काफी समय से मामले लंबित हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि नामांतरण के प्रकरणों में जिन राजस्व अधिकारियों के पास 3 से 6 महीने से मामले लंबित हैं, उन्हें तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए जाएं।

मैदानी अमले को अल्टीमेटम:

सीमांकन के लंबित मामलों को तत्काल पूर्ण करने की हिदायत देते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राजस्व दल (आरआई और पटवारी) अतिशीघ्र फील्ड वेरिफिकेशन पूरा कर काम को अंतिम रूप दें। आगामी 20 जून तक सीमांकन से संबंधित सभी कार्य पूर्ण हों।बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। संबल 2.0 के अंतर्गत पंजीयन की बारीकी से जांच की जाए। तीन दिवस के भीतर सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और मुख्य नगरपालिका अधिकारी  लंबित पंजीयन क्लियर करना सुनिश्चित करें। आगामी समीक्षा बैठक में यदि किसी अधिकारी के पास इस योजना के मामले लंबित पाए गए, तो उनके खिलाफ  कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। इसी प्रकार सामान्य मृत्यु के मामलों में मिलने वाली 2 लाख रुपये और दुर्घटना मृत्यु के मामलों में मिलने वाली 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि के प्रकरणों का 7 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से निपटारा किया जाए।

श्रमयोगी मानधन योजना योजना के अंतर्गत प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत अपूर्ण और प्रगतिरत कार्यों की गहन समीक्षा की गई और इन्हें समय पर पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गई और जनजाति बाहुल्य ग्रामों के विकास कार्यों को प्राथमिकता पर रखने को कहा गया। सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत 50 दिनों से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों का शतप्रतिशत संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

बैठक के अंत में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सभी जिला अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि जनसुनवाई, सीएम मॉनिटरिंग और विभिन्न आयोगों से प्राप्त लंबित पत्रों के प्रतिवेदन तत्काल तैयार कर भेजे जाएं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से श्री विवेक केवी , नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन  समस्त एसडीएम एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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