सागर में ई-टेंडर प्रक्रिया में 16वें चरण तक क्यों खिंची मदिरा दुकानों की नीलामी ?
गजेंद्र ठाकुर- सागर। जिले में शेष मदिरा दुकानों के लिए 16वें चरण का ई-टेंडर 9 अप्रैल को खोले जाने की सूचना प्रशासन ने जारी की है, लेकिन यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर 15 चरणों के बाद भी सभी दुकानों का आवंटन क्यों नहीं हो सका।
आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में दोपहर 3:05 बजे ई-टेंडर खोले जाएंगे। सहायक आयुक्त आबकारी के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए कम्पोजिट मदिरा दुकानों के निष्पादन की प्रक्रिया जारी है और अब भी जिले में 5 एकल दुकानें शेष हैं।
हालांकि, प्रशासन इसे एक नियमित प्रक्रिया बता रहा है, लेकिन बार-बार ई-टेंडर आमंत्रित किए जाने से प्रक्रिया की प्रभावशीलता और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआती चरणों में ठेकेदारों से तालमेल, मीडिया का सहयोग रहता तो इतनी लंबी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ती।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ दुकानों में कम रुचि के पीछे स्थान, बिक्री संभावनाएं, आस पास अवैध बिक्री, स्थापित बार और शर्तों की जटिलता जैसे कारण हो सकते हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा इन पहलुओं पर स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का कहना है कि मदिरा दुकानों के आवंटन जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी है, ताकि राजस्व हानि और संभावित अनियमितताओं से बचा जा सके।
अब नजर 16वें चरण पर टिकी है—क्या इस बार शेष दुकानों का आवंटन हो पाएगा या प्रक्रिया और आगे खिंचेगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।


