महापौर ने संत शिरोमणि सेन महाराज की प्रतिमा का अनावरण एवं सेन चौराहे का नामकरण किया
सागर। नगर निगम सागर की महापौर श्रीमती संगीता
सुशील तिवारी द्वारा शहर के एम एल बी स्कूल के पास के समीप स्थापित संत शिरोमणि सेन महाराज की भव्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र का नामकरण “सेन चौराहा” के रूप में किया गया, जिससे क्षेत्र को एक नई पहचान प्राप्त हुई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने कहा कि सेन समाज द्वारा संत शिरोमणि सेन महाराज की प्रतिमा स्थापित करने की मांग बहुत लंबे समय से की जा रही थी जिसको एम आई सी एवं निगम परिषद ने पूर्ण किया। महापौर ने कहा कि संत शिरोमणि सेन महाराज का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने जीवन में सेवा, समर्पण एवं भक्ति का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह आज भी समाज को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि संत सेन महाराज केवल एक सच्चे भक्त ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने सदैव मानव कल्याण के लिए कार्य किया और समाज में प्रेम, सद्भाव एवं समानता का संदेश दिया।
महापौर ने कहा कि ऐसे महान संतों की स्मृति को सहेजना एवं उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। प्रतिमा स्थापना एवं चौराहे का नामकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाली पीढ़ियां उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सकेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम शहर के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भाजपा पैनलिस्ड रिशांक तिवारी ने भी संत सेन महाराज के जीवन एवं उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि संतों की शिक्षाएं समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उनके आदर्शों को अपनाकर ही एक सशक्त एवं समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतिमा अनावरण के पश्चात उपस्थित जनों ने पुष्प अर्पित कर संत शिरोमणि सेन महाराज को नमन किया। पूरे कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा एवं गरिमा के साथ संपन्न हुआ।
यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने समाज में एकता, सद्भाव एवं सेवा की भावना को भी सुदृढ़ करने का कार्य किया। “सेन चौराहा” के रूप में क्षेत्र की नई पहचान निश्चित रूप से शहर के सांस्कृतिक मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान देखने को मिलेगा।
इस अवसर पर सेन समाज के पदाधिकारियों राजेश्वर सेन,शरद राजा सेन, गणेश सेन सहित बड़ी संख्या में सेन समाज के नागरिक उपस्थित थे।


