भ्रामक जानकारी देने पर प्रभारी कार्यपालन यंत्री को कमिश्नर ने किया निलंबित
सागर। सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने निवाड़ी जिले के ग्राम पंचायत लहरगुंवा, जनपद पंचायत पृथ्वीपुर में पदस्थ जल संसाधन विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री हेमन्त गुप्ता को भ्रामक जानकारी देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग के मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान हेमन्त गुप्ता द्वारा ग्राम पंचायत लहरगुंवा में लगभग एक किलोमीटर नहर की सफाई किए जाने की जानकारी दी गई थी।
हालांकि, बाद में किए गए स्थल निरीक्षण में उक्त कार्य का कोई प्रमाण नहीं मिला। मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी नहर की सफाई नहीं होने तथा उसमें पानी नहीं छोड़े जाने की पुष्टि की। पूछताछ के दौरान भी संबंधित अधिकारी द्वारा लगातार भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की गई।
कलेक्टर निवाड़ी द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के परीक्षण के बाद प्रथम दृष्टया हेमन्त गुप्ता दोषी पाए गए। यह कृत्य पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का द्योतक माना गया है, जो मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है।
इसी आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए कमिश्नर अनिल सुचारी ने संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया है।


