सागर में पूर्व सरपंच के पुत्र सहित तीन पर नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोप, FIR दर्ज
सागर। गोपालगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक 15 वर्षीय नाबालिक लड़की ने अपने ही गांव के चार युवकों पर जबरन अपहरण करने की कोशिश और छेड़छाड़ करने तथा लगातार मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए है। बुधवार की दोपहर 3:30 बजे नाबालिग लड़की ने गोपालगंज थाने में बयान दर्ज कराए है। दरअसल मामला 29 मार्च की रात 9 बजे कर है जब पीड़ित नाबालिक लड़की अपने घर के बाहर कूड़ा फेंकने गई थी। इसी दौरान गांव के ही रहने वाले दो युवक, मोहित लोधी और बाबू लोधी अचानक वहां पहुंचे और उसे जबरदस्ती पकड़कर ऑटो की ओर ले जाने लगे। पीड़िता के अनुसार, ऑटो में पहले से दो अन्य युवक, रामराज लोधी और जगन्नाथ लोधी जो पूर्व सरपंच महेंद्र लोधी का पुत्र है मौजूद थे।
पीड़िता ने बताया कि जैसे ही उसे जबरन ऑटो में बैठाने की कोशिश की गई, उसने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर उसके माता – पिता और अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। और परिवार के सदस्यों को आता देख आरोपी घबरा गए और वहां से फरार हो गए। वही जाते-जाते आरोपियों ने लड़की को धमकी भी दी कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उसे जान से मार देंगे और बदनाम कर देंगे। तो वही घटना के बाद पीड़िता ने पूरी आपबीती अपने परिवार को बताई।
रात अधिक हो जाने के कारण तत्काल थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा सकी, लेकिन अगले दिन 30 मार्च को पीड़िता अपने माता-पिता के साथ गोपालगंज थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। और पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच प्रारंभ कर दी है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी युवक लंबे समय से उसे परेशान कर रहे थे और लगातार धमकियां दे रहे थे। इससे यह मामला और भी गंभीर हो जाता है, क्योंकि यह केवल एक दिन की घटना नहीं बल्कि लगातार हो रही उत्पीड़न की श्रृंखला का हिस्सा प्रतीत होता है। वही घटना के बाद पीड़ित परिवार ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए तथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मामला न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि समाज में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी व्यक्त करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता और गंभीरता से कार्रवाई करता है और पीड़िता को न्याय दिलाने में कितनी सफलता प्राप्त होती है।


