भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया गुड फ्राइडे, निकाला गया प्रतीकात्मक ‘क्रूस का रास्ता’ जुलूस
सागर। शहर के विभिन्न चर्चों में प्रभु ईसा मसीह के बलिदान को याद करते हुए ‘गुड फ्राइडे’ का पर्व पूरी श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया और ईसा मसीह के दुखों व उनके बलिदान को जीवंत करने के लिए प्रतीकात्मक जुलूस निकाले गए।
ज्योति भवन सेंट थॉमस चर्च में विशेष आयोजन
ज्योति भवन सेंट थॉमस चर्च, सागर में फादर एलेक्स की अगुवाई में मुख्य प्रार्थना समारोह संपन्न हुआ। दोपहर 3 बजे शुरू हुई इस प्रार्थना सभा में ईसा मसीह के कष्टों का स्मरण किया गया। इस दौरान ‘क्रूस का रास्ता’ जुलूस निकाला गया, जिसमें प्रभु यीशु के दुखभोग, उनके सिर पर कांटों का ताज सजाने, रोमन सिपाहियों द्वारा कोड़े मारने और गोलगोथा पहाड़ी तक क्रूस ले जाकर उस पर चढ़ाए जाने के वृत्तांत का जीवंत चित्रण किया गया।

इस वृत्तांत को एडवोकेट जेम्स, फादर जोशी, नील कुसुम एवं उपस्थित जनसमूह द्वारा प्रस्तुत किया गया। फादर रोजन ने अपने संदेश में कहा कि सदियों पहले बाइबल के माध्यम से यह भविष्यवाणी की गई थी कि ईसा मसीह मानवता के कल्याण के लिए क्रूस पर चढ़ाए जाएंगे और तीसरे दिन पुनः जीवित होंगे। उन्होंने प्रभु यीशु को प्रेम, त्याग, बलिदान और सत्य का प्रतीक बताया।
विभिन्न चर्चों में प्रार्थना सभाएं
शहर के अन्य चर्चों में भी गुड फ्राइडे पर विशेष कार्यक्रम हुए:
* सेंट टेरेसा कैथेड्रल चर्च: यहाँ बिशप जेम्स की अगुवाई और फादर जोसली के मार्गदर्शन में प्रार्थना सभा आयोजित हुई। इसमें फादर साबू, फादर गिरीश और फादर निसन द्वारा गुड फ्राइडे की धर्मविधि संपन्न कराई गई।
* शांतिपुरा चर्च: यहाँ फादर अभी की अगुवाई में विशेष कार्यक्रम और प्रार्थना संपन्न हुई।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ जुलूस
सेंट थॉमस चर्च से निकले जुलूस में लगभग 350 कैथोलिक ईसाई धर्मावलंबी शामिल हुए। यह जुलूस फादर एलेक्स, फादर पॉल, फादर रोजन और फादर जोशी की उपस्थिति में अत्यंत शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। भक्तों ने मौन रहकर और प्रार्थनाएं गाते हुए प्रभु के बलिदान को नमन किया।
चैनल एडिटर-गजेंद्र सिंह 9302303212


