आबकारी विभाग की लचर कार्यप्रणाली, 12 वे राउंड में 14 में 5 शराब दुकानें आज भी नहीं उठीं, कई बड़े ग्रुपों का हुआ आवंटन
सागर। जिले में आबकारी विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली और बाजार में समन्वय की कमी के चलते शराब दुकानों के निष्पादन की प्रक्रिया पूरी तरह सफल नहीं हो सकी है। विभागीय टेंडर प्रक्रिया के दौरान कुल 14 दुकानों के समूह रखे गए थे, जिनमें से 5 दुकानें अब भी बगैर उठे शेष रह गई हैं। इसे लेकर विभाग की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई है।
संपन्न हुई टेंडर प्रक्रिया के तहत राहतगढ़ शर्मा एसोसियट, बीना जवाहगंज, वंशिका ट्रेडर समूहों का आवंटन कर दिया गया है। वहीं, जवाहरगंज ग्रुप के लिए देवरी लीकर और प्रियांशु राय कंपनी ने बाजी मारी है। गढ़ाकोटा ग्रुप का जिम्मा दीपक खटिक को मिला है, जबकि बालेह समूह जंडेल सिंह गुर्जर के खाते में गया है। रहली ग्रुप के लिए सोनू प्रजापति, सिविल लाइन के लिए साहू कंपनी और भगवानगंज के लिए डीसीआर ग्रुप के टेंडर सफल घोषित किए गए हैं।
इन आवंटनों के बावजूद 5 दुकानें अब भी विभाग के गले की फांस बनी हुई हैं। इनमें गढ़ाकोटा क्षेत्र, मदुकशाह दुकान सहित कर्रापुर, जमुनिया और रेलवे स्टेशन के सामने वाली महत्वपूर्ण दुकानें शामिल हैं। जानकारों का कहना है कि विभाग यदि समय रहते सही तालमेल बिठाता तो इन दुकानों के खाली रहने की नौबत नहीं आती। अब इन शेष दुकानों के लिए विभाग को दोबारा मशक्कत करनी होगी, जिससे राजस्व प्राप्ति में भी विलंब होना तय है।


