मासूम की मौत के बाद जागी सरकार: बीना में भारी वाहनों का रूट होगा डायवर्ट
7 दिन के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश, जेपी रिफाइनरी के वाहनों के लिए बनेगा वैकल्पिक मार्ग
बीना। शहर में कल एक भारी वाहन की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए बीना विधायक निर्मला सप्रे ने प्रशासनिक अमले के साथ घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
7 दिन में बदलेगी यातायात की सूरत
घटनास्थल का मुआयना करने के बाद विधायक ने संबंधित अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया गया कि आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए आगामी 7 दिनों की समय-सीमा तय की गई है, जिसके भीतर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुव्यवस्थित करने के सभी आवश्यक प्रबंध किए जाने हैं।
रिफाइनरी के भारी वाहनों पर कड़ा फैसला
बोली विधायक- शहर के भीतर बढ़ते ट्रैफिक और दुर्घटनाओं के खतरे को देखते हुए जेपी रिफाइनरी की ओर जाने वाले भारी वाहनों के आवागमन को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। आज पुन: किए गए स्थल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि भारी वाहनों को रिहायशी इलाकों से दूर डायवर्ट किया जाए। इसके लिए नए मार्ग और आवश्यक व्यवस्थाओं को एक सप्ताह के भीतर प्रभावी रूप से लागू करने के आदेश दिए गए हैं।
इन बिंदुओं पर रहेगा जोर
* भारी वाहनों के प्रवेश के लिए समय सीमा और वैकल्पिक मार्ग का निर्धारण।
* घटनास्थल और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों एवं यातायात संकेतों की व्यवस्था।
* शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करना और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाना।
विधायक निर्लमा सप्रे ने बताया 17 वर्षीय बालक का नाम नीरज पिता हल्ले भाई कुशवाहा की मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक है। प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि यातायात व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करें। जेपी रिफाइनरी के वाहनों के लिए डायवर्जन प्लान 7 दिन में लागू होगा। जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
जनता में आक्रोश, सुरक्षा की मांग
कल हुई इस घटना के बाद से ही स्थानीय नागरिकों में भारी वाहनों की बेतरतीब आवाजाही को लेकर रोष था। प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही और 7 दिनों के भीतर रूट डायवर्जन के आश्वासन के बाद अब क्षेत्रवासियों को बेहतर और सुरक्षित यातायात की उम्मीद जगी है।


