जाति बनाम राजनीति : गोपाल भार्गव के बयान ने फिर मचाई हलचल,ब्राह्मण सम्मेलन में बोले वरिष्ठ विधायक व्यावहारिक राजनीति में जाति का असर सबसे बड़ा
सागर। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव अपने बेबाक और स्पष्ट बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर उनका बयान सुर्खियों में है, जिसने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
गढ़ाकोटा से विधायक गोपाल भार्गव ने हाल ही में आयोजित ब्राह्मणों के प्रांतीय सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि व्यवहारिक राजनीति में जाति का प्रभाव सबसे ऊपर होता है और इसके सामने पार्टी का महत्व कम हो जाता है। उनका यह बयान सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
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सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी से पहले कई राजनीतिक दलों ने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया था। देश आज भले ही स्वतंत्र हो, लेकिन आज भी समाज कई चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में रोजगार, अधिकार और आर्थिक स्थिति काफी हद तक वोट की ताकत से तय होती है, ऐसे में समाज के लोगों को संगठित होकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
कार्यक्रम के दौरान प्रेम प्रसारिणी सनाढ्य सभा सागर द्वारा आयोजित इस प्रांतीय सर्व ब्राह्मण समाज सम्मेलन में करीब 40 प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर गोपाल भार्गव ने संपन्न परिवारों से अपील की कि वे आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की मदद के लिए आगे आएं और उन्हें शिक्षा तथा कोचिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएं, ताकि वे आगे बढ़ सकें। उन्होंने समाज में एकता और सहयोग पर भी जोर दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी गोपाल भार्गव अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। एक पूर्व बयान में उन्होंने कहा था कि विभिन्न स्तरों पर बनाए जा रहे कानूनों का असर ब्राह्मण समाज के खिलाफ नजर आता है और इस कारण समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है। उनके इस बयान ने भी उस समय काफी चर्चा बटोरी थी।


