सागर में दो शासकीय विभाग आमने सामने, एक ने दूसरे के यहां कचरा डलवा दिया
सागर जिले में बिजली विभाग और नगर परिषद के बीच की तनातनी इतनी बढ़ गई कि नगर परिषद ने बिजली विभाग के दफ्तर के मेन गेट पर ही कचरा फिंकवा दिया। बताया जा रहा है कि बिजली विभाग ने नगर परिषद से बकाया बिजली बिल का भुगतान करने को कहा था, जिससे नाराज होकर यह कदम उठाया गया।
जानें क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक नगर परिषद शाहगढ़ पर पिछले 5 महीनों से विद्युत मंडल का 9 लाख 61 हजार रुपये का बिल बकाया है। बिजली विभाग ने इस बिल की वसूली के लिए नगर परिषद को नोटिस जारी किया था। जब बिल जमा नहीं हुआ, तो विभाग ने कार्रवाई करते हुए शहर की स्ट्रीट लाइट बंद कर दी।
इस कार्रवाई से बौखलाए नगर परिषद प्रशासन ने कथित तौर पर बदले की भावना से काम किया। मंगलवार सुबह जब बिजली विभाग के कर्मचारी दफ्तर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मुख्य द्वारों पर तीन ट्रॉली सड़ा-गला कचरा फैला हुआ है, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका था और बदबू आ रही थी।
बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JE) रवि सोलंकी ने बताया कि फरवरी में ही नगर परिषद को इस संबंध में पत्र जारी किया गया था। इस पत्र में इस बात का भी उल्लेख था कि नगर परिषद द्वारा कुछ अवैध मोटरें भी चलाई जा रही हैं। कनिष्ठ अभियंता का आरोप है कि सीएमओ विनय मिश्रा ने इस पत्र का कोई लिखित जवाब नहीं दिया और व्यक्तिगत द्वेष के चलते दफ्तर के सामने कचरा डलवा दिया।
मौके पर पहुंचे आला अधिकारी
दफ्तर के सामने कचरा फेंके जाने की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार जी.सी. राय मौके पर पहुंचे। उनके साथ कनिष्ठ अभियंता रवि सोलंकी और स्थानीय पार्षद व भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेश तिवारी भी मौजूद रहे। प्रशासन अब इस मामले की जांच कर रहा है कि आखिर सरकारी दफ्तर के सामने इस तरह कचरा फेंकने का आदेश किसने दिया।


