नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले में सागर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपी गुजरात के मोरबी से गिरफ्तार
सागर पुलिस की बड़ी सफलता: नाबालिग को अगवा कर गुजरात ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार
सागर | जिले में अपराधों पर नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत राहतगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ग्राम चंद्रापुर से करीब पांच माह पूर्व अपहृत हुई 15 वर्षीय नाबालिग को गुजरात के मोरबी से सुरक्षित बरामद कर लिया है। मामले में मुख्य आरोपी कमल किशोर कुशवाहा को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना पिछले वर्ष 23-24 अक्टूबर 2025 की मध्यरात्रि की है, जब राहतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चंद्रापुर से एक अज्ञात व्यक्ति 15 साल 8 माह की नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी।
5 महीनों तक 3 राज्यों में पीछा
पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार शाहवाल के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने बालिका की तलाश में सागर सहित विदिशा, रायसेन, छतरपुर और झांसी में दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी राजस्थान होते हुए गुजरात के राजकोट-मोरबी क्षेत्र में छिपा है।
मोरबी से हुई गिरफ्तारी
SDOP योगेन्द्र सिंह भदौरिया एवं थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह ठाकुर के नेतृत्व वाली टीम ने पीछा करते हुए 20 मार्च 2026 को मोरबी (गुजरात) से बालिका को दस्तयाब किया। आरोपी कमल किशोर कुशवाहा को मौके से गिरफ्तार कर सागर लाया गया, जहाँ न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी पर अपहरण के साथ दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का संदेश: सागर पुलिस आमजन की सुरक्षा हेतु सदैव प्रतिबद्ध है। किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 पर दें।सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक मुकेश सिंह ठाकुर, उपनिरीक्षक कमलेश सेंगर, साइबर सेल के सौरभ रैकवार सहित मणिशंकर मिश्रा, हरीसिंह राजपूत, सुजीत चौरेशिया, राजा सिंह दांगी, रणवीर सिंह दांगी और महिला आरक्षक दीक्षा राय, प्रियंका राजपूत व अर्चना लोधी की मुख्य भूमिका रही।


