धन-धान्य योजना ने पकड़ी रफ्तार, देश के 96 जिलों में ज़मीनी काम शुरू
सागर। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (डीडीकेवाई) के तहत चिन्हित 100 जिलों में से 96 जिलों ने अपनी जिला कार्य योजना (डीएपी) तैयार कर गतिविधियां शुरू कर दी हैं। पश्चिम बंगाल के चार जिलों में राज्य सरकार की भागीदारी नहीं होने से डीएपी तैयार नहीं हो सकी हैं।
यह जानकारी लोकसभा में सागर सांसद डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े के तारांकित प्रश्न के उत्तर में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दी। सांसद ने योजना के क्रियान्वयन और राज्यवार प्रगति सहित विभिन्न प्रावधानों पर जानकारी मांगी थी।
मंत्री ने बताया कि 16 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित इस योजना का उद्देश्य कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और सीमित कृषि ऋण वाले जिलों में सुधार लाना है। इसके तहत कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। योजना में पंचायत और ब्लॉक स्तर पर सिंचाई सुविधाओं में सुधार, फसल कटाई के बाद भंडारण ढांचे का विकास और किसानों को दीर्घकालिक व अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान भी शामिल है। इसके लिए रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश फंड और किसान क्रेडिट कार्ड के विस्तार जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
उन्होनें बताया कि जिला धन-धान्य कृषि योजना समितियों ने हितधारकों के परामर्श से डीएपी तैयार कर अनुमोदित किए हैं। इन योजनाओं में 11 विभागों की 36 केंद्रीय योजनाओं, राज्य योजनाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी का समावेश किया गया है, जिससे समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। डीएपी में वर्षवार लक्ष्य और विभिन्न हस्तक्षेप जैसे उच्च उपज बीज वितरण, सूक्ष्म सिंचाई का विस्तार, भंडारण सुविधाओं में वृद्धि और फसल विविधीकरण के लिए लक्षित फसलों का विवरण शामिल है।
बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश के सभी चिन्हित जिलों ने भी अपनी डीएपी तैयार कर डीडीकेवाई डैशबोर्ड पर अपलोड कर दिए हैं। नीति आयोग और संबंधित मंत्रालय इन योजनाओं की समीक्षा कर फीडबैक भी दे रहे हैं। जनवरी 2026 तक जिलों में सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र का विस्तार, जल संरचनाओं का निर्माण व पुनर्जीवन, कृत्रिम गर्भाधान और किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां संचालित की जा चुकी हैं। योजना का क्रियान्वयन और निगरानी निरंतर जारी है, जिसमें परिणामों को नियमित रूप से ट्रैक किया जा रहा है।


