शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को स्थगित करने की मांग: शिक्षक संघ ने सागर में मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
सागर। मुख्यमंत्री के सागर आगमन पर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ जिला सागर इकाई द्वारा प्रदेश के लगभग 1.5 लाख शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 को स्थगित करने और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की है। इस संबंध में संघ ने मुख्यमंत्री और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को एक औपचारिक पत्र सौंपा है।
क्या है मुख्य विवाद?
शिक्षक संघ का कहना है कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 2 मार्च 2026 को जारी आदेश (क्र. 356) के तहत आगामी सत्र में शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में सम्मिलित होने के निर्देश दिए गए हैं। संघ के अनुसार, यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 सितंबर 2025 को दिए गए उस फैसले के संदर्भ में लिया गया है, जिसमें कक्षा 1 से 8वीं तक के शिक्षकों के लिए TET उत्तीर्ण होना अनिवार्य बताया गया है।
20-22 वर्षों के अनुभव का हवाला
शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री राकेश कुमार गुप्ता और प्रांताध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर ने पत्र में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में 1998 से 2000 के बीच नियुक्त शिक्षक विभागीय नियमों के आधार पर नियुक्त हुए थे।
2005 और 2008 में संविदा शाला शिक्षक, शिक्षा कर्मी और गुरुजी की पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही नियुक्तियां की गई थीं।
ये शिक्षक पिछले 20 से 22 वर्षों से लगातार शिक्षण कार्य कर रहे हैं, ऐसे में अब उनसे पात्रता परीक्षा की मांग करना तर्कसंगत नहीं है।
अन्य राज्यों का उदाहरण
संघ ने उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सरकार का उदाहरण देते हुए कहा है कि वहां की सरकारों ने शिक्षकों के हित में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिससे वहां फिलहाल परीक्षा पर रोक लगी हुई है।
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने भी मांग की है कि प्रदेश सरकार को इसी तर्ज पर कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखना चाहिए।
आज़ सागर जिला के जेरई में पधारे प्रदेश के मुख्यमंत्री,मोहन यादव जी के आगमन पर प्रांतीय महामंत्री राकेश कुमार गुप्ता शैलैन्द्र प्रजापति, प्रांतीय व्यवसायिक शिक्षा प्रकोष्ठ प्रमुख,जिला अध्यक्ष सूर्यपाल सिंह राजपूत, जिला संगठन मंत्री चन्द्रभान सिंह राजपूत, जिला सचिव मनोज कुमार जैन, महेश कुमार विश्वकर्मा,बृजेश चौबे , नंदगोपाल साहू, दीपक सेन सहित अनेकों शिक्षक साथियों ने आत्मीय स्वागत कर उक्त ज्ञापन दिया गया है।


