ड्रग्स माफियाओं पर नकेल कसें, नेटवर्क को जड़ से करें खत्म: मुख्य सचिव
अत्याचार पीड़ितों को समय पर मिले राहत राशि, राजस्व प्रकरणों का तेजी से हो निराकरण
सागर | मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों को ड्रग्स माफियाओं के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में नशीली दवाओं के कारोबार में लिप्त अपराधियों को चिन्हित कर उनके नेटवर्क को पूर्णतः समाप्त किया जाए।
मुख्य सचिव गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कानून-व्यवस्था, राजस्व और जन-कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य बिंदु:
* पीड़ितों को मिले त्वरित राहत: मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के अत्याचार पीड़ितों और पक्षकारों को दी जाने वाली राहत राशि का भुगतान सहजता और समय सीमा में सुनिश्चित किया जाए।
* राजस्व मामलों में तेजी: राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि अविवादित नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के मामले समय सीमा से बाहर नहीं होने चाहिए। इन प्रकरणों का निराकरण करना राजस्व अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी है।
* साइबर जागरूकता: बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि नागरिकों को साइबर कानूनों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाएं।
* सीएम हेल्पलाइन: लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को समय पर सेवाएं मिलना अनिवार्य है। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण भी प्राथमिकता के आधार पर हो।
किसानों को करें जागरूक, गेहूं उपार्जन की तैयारी पुख्ता हो
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान अनुराग जैन ने ‘नरवाई’ (फसल अवशेष) जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को नरवाई जलाने से पर्यावरण और भूमि की उर्वरता को होने वाले नुकसान के बारे में शिक्षित किया जाए। वहीं, आगामी गेहूं उपार्जन कार्य के लिए सभी जिलों में पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पशुपालन, मत्स्य पालन और पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। सागर एनआईसी केंद्र से संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी, कलेक्टर संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक विकास सहवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


