अंधविश्वास पर भारी पड़ी डॉक्टरी मेहनत: कोमा में रहने के बाद मां-बच्चे को मिला नया जीवन
बीएमसी सागर का कमाल: 15 दिन कोमा और 5 डायलिसिस के बाद महिला मौत के मुंह से वापसी आई
सागर | बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के डॉक्टरों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सही समय पर सही इलाज किसी चमत्कार से कम नहीं होता। अंधविश्वास और झाड़-फूंक के चक्कर में जान गंवाने की कगार पर खड़ी खुरई की एक गर्भवती महिला को बीएमसी के आईसीयू विभाग ने नया जीवन दिया है।
मुख्य घटनाक्रम: जब तंत्र-मंत्र ने ले ली थी जगह
आईसीयू प्रभारी प्रो. डॉ. सर्वेश जैन के अनुसार, महिला गर्भावस्था के दौरान बेहोश हो गई थी। परिजनों ने जागरूकता की कमी के कारण अस्पताल जाने के बजाय तंत्र-मंत्र का सहारा लिया, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। 20 फरवरी को जब मरीज को बीएमसी लाया गया, तो वह डीप कोमा में थी।
चुनौतियां और उपचार की प्रक्रिया
मरीज की स्थिति इतनी जटिल थी कि उसे बचाना डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चुनौती थी। उपचार के दौरान मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- अचेत अवस्था में प्रसव: भर्ती होने के दो दिन बाद कोमा की स्थिति में ही महिला ने सामान्य प्रसव (Normal Delivery) के जरिए बच्चे को जन्म दिया।
- गहन चिकित्सा: महिला लगातार 15 दिनों तक कोमा में रही।
- डायलिसिस और ब्लड सपोर्ट: किडनी की स्थिति सुधारने के लिए 5 बार डायलिसिस की गई और शरीर में रक्त घटकों की कमी को पूरा करने के लिए 5 एफएफपी (FFP) लगाए गए।
विशेषज्ञों की टीम का कमाल
कंसल्टेंट इंचार्ज डॉ. अजय सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. अजमल, डॉ. ट्विंकल और डॉ. हिमानी की टीम ने 24 घंटे मरीज की निगरानी की। डॉक्टरों के इस अथक प्रयास का परिणाम है कि आज महिला और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
सरकारी संस्थानों पर भरोसे की अपील
बीएमसी डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने इस सफलता पर टीम को बधाई देते हुए समाज से एक महत्वपूर्ण अपील की:
”सरकारी अस्पतालों के प्रति नकारात्मकता फैलाने से गरीब मरीजों का विश्वास डगमगाता है। सरकारी संस्थानों में विशेषज्ञ और निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि समाज में इनके प्रति सकारात्मक नजरिया बढ़ेगा, तो चिकित्सकों का मनोबल बढ़ेगा और अधिक से अधिक जरूरतमंदों को समय पर इलाज मिल सकेगा।”
मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि बीएमसी का लक्ष्य हर मरीज को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है और यह केस संस्थान की कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
खबर गजेंद्र ठाकुर- 9302303212


