सागर। शिक्षा विभाग में हड़कंप: ABVP का एडी कार्यालय पर धावा, भैंस घुमाकर और पुतला दहन कर लगाया गबन और ‘शिक्षा आतंकवाद’ का आरोप
सागर जिले के उच्च शिक्षा विभाग में इन दिनों भूचाल जैसे हालात हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने बुधवार को जिले भर में व्याप्त शैक्षणिक समस्याओं और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर ऐसा जबरदस्त प्रदर्शन किया कि अतिरिक्त संचालक (एडी) कार्यालय पहुंचने से ही डर गए। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ एडी कार्यालय पर भैंस घुमाकर विभाग की कार्यप्रणाली पर तंज कसा, बल्कि अनुपस्थित अतिरिक्त संचालक का पुतला दहन कर भ्रष्टाचार के खिलाफ आग उगली।
‘समानांतर सरकार’ और करोड़ों के घोटाले का आरोप
ABVP का आरोप है कि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया के खिलाफ पिछले दो वर्षों में करोड़ों रुपए के गबन, अवैध नियुक्तियों और फर्जी निविदाओं के दस्तावेजी सबूत दिए गए हैं, लेकिन विभाग ने आंखें मूंद ली हैं। परिषद ने सवाल उठाया कि क्या विभाग में कोई ‘समानांतर सरकार’ चल रही है, जहां नियम-कानून केवल कागजों पर हैं।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे जिला संयोजक दीनदयाल सिंह ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हमने 25 गंभीर आरोपों के साथ ऑडियो, वीडियो और दस्तावेजी सबूत संलग्न कर शिकायत की है। एडी महोदय के लिए हमारा सवाल है कि क्या वे अंधे, बहरे और गूंगे हैं? अब तक उन्हें कार्यवाही क्यों नहीं की गयी? या फिर ऊपरी स्तर पर कोई तालमेल है ?”

एडी की अनुपस्थिति में भैंस को ‘सौंपा’ ज्ञापन
सूत्रों के अनुसार, जब ABVP का विशाल प्रतिनिधि मंडल एडी कार्यालय पहुंचा और आंदोलन की स्थिति बनी, तो अतिरिक्त संचालक महोदय कार्यालय में ही नहीं थे। विद्यार्थी परिषद ने अनुपस्थिति को ही विभाग की ‘आरामतलबी’ का प्रतीक बताया। कार्यकर्ताओं ने भैंस को शहर में घुमाते हुए एडी कार्यालय के सामने लाकर खड़ा कर दिया। इस अनूठे विरोध का उद्देश्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करना था। हालांकि जब एडी नहीं आए, तो प्रदर्शनकारियों ने उसी भैंस के गले में ज्ञापन बांधकर उसे कार्यालय परिसर में घुमाया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुतला दहन और गंभीर आरोप।
प्रदर्शन के चरम पर ABVP कार्यकर्ताओं ने अतिरिक्त संचालक का पुतला दहन किया और ‘शिक्षा आतंकवादी’ बताई गई प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया की तत्काल निलंबन की मांग की।
परिषद ने आरोप लगाया कि डॉ. बरेठिया का आतंक केवल सागर तक सीमित नहीं है। विदिशा, गंजबासोदा, टीकमगढ़ और छतरपुर में भी उनके खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज हैं। आरोप है कि उन्होंने प्राध्यापकों को हत्या की धमकी दी, अल्पवेतन भोगी कर्मचारियों से घरेलू काम कराए और महिला होने का फायदा उठाकर SC/ST एक्ट का हथियार बनाकर शिक्षकों को ब्लैकमेल किया।
दीनदयाल सिंह ठाकुर ने कहा, “जनभागीदारी समिति के करोड़ों रुपए गायब हैं। खेल सामग्री और वेबसाइट खरीद में उन कंपनियों से निविदा मांगी गई जो वह सामान बेचती ही नहीं हैं। यह खुला घोटाला है। डॉ. बरेठिया महिला होने का फायदा उठाकर कानून का आतंक फैला रही हैं। अगर हमारे आरोप झूठे हैं तो वे हम पर केस क्यों नहीं कर देतीं? चुप्पी ही उनका अपराध साबित करती है।”
ABVP द्वारा इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, लोकायुक्त, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त, सागर संभाग के आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक, सागर जिले के जिलाधिकारी सहित कई उच्च अधिकारियों से की जा चुकी है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन शिकायतों के साथ पर्याप्त सबूत और तथ्य भी प्रस्तुत किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यहां तक कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत भी लंबे समय से लंबित है।
छात्राओं की समस्या और बुनियादी सुविधाओं का अभाव
प्रदर्शन में छात्र हितों से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए गए। ABVP ने मांग की कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय कन्या छात्रावास को अतिक्रमण मुक्त कराकर तुरंत छात्राओं को सौंपा जाए। इसके अलावा, अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों को पाठ्यक्रम से संबंधित पुस्तकें न देने, देवरी महाविद्यालय में 54 लाख के आवंटन के बावजूद निर्माण न होने, छात्राओं को यूनिफॉर्म न होने पर सार्वजनिक रूप से कपड़े बदलने पर मजबूर करने और बस स्टैंड स्थित गर्ल्स कॉलेज में महिला पुलिस चौकी न होने जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया गया।
शैक्षणिक बदहाली के और भी कई मुद्दे
परिषद ने जिले के महाविद्यालयों में लंबित छात्रवृत्ति, प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे चल रहे प्रशासन, गैर-शैक्षणिक स्टाफ की कमी के कारण शिक्षकों से बाबूगिरी कराने, आउटसोर्स कर्मचारियों के छह-छह माह से लंबित वेतन और ट्रेजरी कमीशन की मांग, बंद पड़ी विज्ञान प्रयोगशालाएं और शौचालयों की दयनीय स्थिति जैसे कई गंभीर मुद्दों को उठाया।
क्या होगा आगे? अब सद्बुद्धि यज्ञ और घेराव की चेतावनी
ABVP के इस विस्फोटक प्रदर्शन के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अतिरिक्त संचालक के न मिलने और भैंस के माध्यम से ज्ञापन भेजे जाने की यह अनूठी घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है। अब परिषद ने दो चरणों में आंदोलन तेज करने की घोषणा की है।
दीनदयाल सिंह ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा, “हम उच्च शिक्षा विभाग को आखिरी मौका दे रहे हैं। 14 मार्च 2025 को हम सद्बुद्धि यज्ञ करेंगे, जो प्रशासन के लिए चेतावनी का दिन होगा। यदि तब तक डॉ. रेखा बरेठिया को निलंबित नहीं किया गया और छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो 16 मार्च 2026 को हम शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय का ऐसा घेराव करेंगे कि प्रशासन की नींद हराम हो जाएगी। यह सिर्फ एक आंदोलन नहीं, बल्कि शिक्षा में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का विद्रोह है।”
अब देखना यह होगा कि क्या सागर में उठा यह शैक्षणिक भूचाल महकमे में हलचल पैदा कर पाता है या फिर 16 मार्च को कॉलेज का घेराव ABVP को एक और विस्फोटक मोड़ देने पर मजबूर कर देगा।


