अटल पार्क में खड़ी कार को मारी टक्कर, कांग्रेस नेता जीवन पटेल पर आरोप,गार्ड की रोक के बावजूद घुसाई गाड़ी, फिर फरार
सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र स्थित अटल पार्क में खड़ी कार को टक्कर मारने के मामले में कांग्रेस नेता जीवन पटेल पर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता मयंक दुबे के अनुसार, स्कॉर्पियो चालक ने गार्ड की रोक के बावजूद लापरवाही से वाहन अंदर ले जाकर कार को टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया।
फरियादी मयंक दुबे अटल पार्क के संचालक ने थाना गोपालगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 मार्च को शाम करीब 4:30 बजे उनकी कार (MP 15 ZH 1137) पार्क के अंदर खड़ी थी। इसी दौरान स्कॉर्पियो (MP 09 CG 6984) का चालक, जिसे स्थानीय लोग जीवन पटेल से जोड़कर देख रहे हैं, गार्ड के मना करने के बावजूद तेज गति और लापरवाही से वाहन अंदर ले गए।
आरोप है कि वाहन को लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए स्कॉर्पियो ने खड़ी कार को टक्कर मार दी, जिससे उसका आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद चालक गाड़ी मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। इस दौरान मौके पर मौजूद गार्ड नितिन कोरी और आदित्य मिश्रा ने पूरी घटना देखी।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 324(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।
पहले भी विवादों में रहा नाम
कांग्रेस नेता जीवन पटेल का नाम सागर जिले में पहले भी विवादों से जुड़ता रहा है।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनका एक कथित ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें विरोधियों को लेकर आपत्तिजनक बातें सामने आई थीं।
2008 के चुनावी हलफनामे में उनके खिलाफ अपहरण, दंगा, मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा जैसी धाराओं में मामले दर्ज होने का उल्लेख है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
जीवन पटेल रहली विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रह चुके हैं, जहां उन्हें भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव के खिलाफ चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था।
बाद में जब कांग्रेस ने उनका टिकट काटकर ज्योति पटेल को उम्मीदवार बनाया, तब उन पर राजनीतिक रूप से विरोधी खेमे के साथ खड़े होने के आरोप भी लगे थे।
उग्र स्वभाव को लेकर चर्चा
स्थानीय स्तर पर जीवन पटेल का स्वभाव लंबे समय से चर्चा में रहा है और उन्हें एक उग्र प्रवृत्ति का नेता माना जाता है। अटल पार्क में हुई यह ताजा घटना भी उसी छवि को और मजबूत करती हुई नजर आ रही है, हालांकि इन सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
उठ रहे सवाल
इस घटना के बाद शहर में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब इस तरह के आरोप विपक्ष में रहते हुए सामने आ रहे हैं, तो सत्ता में होने पर स्थिति क्या होती।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।


