कचरा खुद बोलेगा मैं किसका हूँष् अभियान के तहत सड़क किनारे पड़े कचरे से पता लगाकर रोहित यादव पर किया गया 500 रूपये का जुर्माना

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कचरा खुद बोलेगा मैं किसका हूँष् अभियान के तहत सड़क किनारे पड़े कचरे से पता लगाकर रोहित यादव पर किया गया 500 रूपये का जुर्माना

सागर।  सागर शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में अव्वल बनाने के प्रयास निगमायुक्त राजकुमार खत्री के मार्गदर्शन में तेज कर दिये गये हैं। उक्त संदर्भ में लगातार बैठकें आहूत की जा रहीं हैं बैठकों में दिये गये निर्देशानुसार शहर भर में स्वच्छता गतिविधियों में गति आई है। सड़क नाले-नाली की सफाई हो या निर्माणकार्य सौन्दर्यकार्य सभी तेजी से सम्पन्न करायें जा रहे हैं। नागरिकों से सतत सम्पर्क कर स्वच्छता में सहभागिता हेतु जागरूक किया जा रहा है ऐसे में कुछ रहवासियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।लापरवाही करने वालों पर सख्त जुर्माने की कार्यवाही की जावेगी। शनिवार को नगर पालिक निगम के सफाई मित्र द्वारा कालीचरण चौराहे के पास सड़क किनारे पड़ा कचरा देखकर उसकी छानबीन की गई। उक्त कचरे में एक ऑनलाइन शॉपिंग का रेपर पाया गया जिस पर रोहित यादव नाम की समस्त जानकारी अंकित थी। सफाई मित्रों ने उक्त रेपर में दिये फोननंबर व पते अनुसार व्यक्ति के पास पहुंचकर  जानकारी जुटाई और कचरा उन्ही का होना पाया गया। इस आधार पर शहर में गंदगी फैलाने वाले रोहित यादव पर 500 रूपये की चालानी कार्यवाही कर जुर्माना बसूला गया और आगे से सभी प्रकार का कचरा, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाहन में देने की समझाईस दी गई।
उल्लेखनीय है की स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में सागर को बेहतर रैंकिंग दिलाने के उद्देश्य से निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी श्री राजकुमार खत्री ने ष्कचरा खुद बोलेगा की मैं किसका हूँष् अभियान एक नवाचार के रूप में प्रारम्भ किया था और इस अभियान के तहत विभिन्न स्थलों पर वृहद स्तर पर जुर्माने व समझाईस की कार्यवाहीयां की गयीं थीं। कचरे में छिपे रेपर, पर्चीयां, डिब्बे और अन्य माध्यमों से कचरा फेकने वालों की पहचान कर उन पर जुर्माने की कार्यवाही से नागरिकों की आदतों में सुधार आया और बड़े स्तर पर नागरिक अपने घर दुकान व प्रतिष्ठान से निकलने वाला कचरा डस्टबिन में रखकर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाहनों में देने लगे। सड़कों के आसपास कचरे के ढेर कम हुए शहर पहले की अपेक्षा साफ स्वच्छ हुआ और ऐसे कई अन्य सक्रीय अभियानों की मदद से सागर ने देश में 10वीं रैकिंग पाने का गौरव प्राप्त किया। नगर निगम प्रशासन द्वारा निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री के मार्गदर्शन में इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में शहर को 10वें पायदान से ऊपर उठाकर पहले स्थान पर लाने हेतु समाग्र प्रयास जोर-सोर से किये जा रहे हैं। नागरिक भी अपने शहर को अव्वल बनाने में सक्रीय सहभागिता करें। सागरवासी सागर को स्वच्छता में अव्वल बनाने के लिए छोटी-छोटी आदतों में सुधार कर सहयोगी बने। कचरे का सही निपटान हो सके इसके लिए गीला सूखा कचरा अलग-अलग कर कचरा कलेक्शन वाहनों में ही दें।
सागरवासी सागर को स्वच्छता में अव्वल बनाने के लिए इस प्रकार सहयोग करें:-
1- घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और संस्थानों में कम ेम कम दो डस्टबिन आवश्यक रूप से रखें और उपयोग करें।
2- सभी प्रकार के कचरे को डस्टबिन में रखकर द्वार-द्वार पहुंचने वाली कचरा गाड़ी में ही दें।
3- घर व होटल के किचिन से निकलने वाले सब्जी फल के छिलके, बचा हुआ भोजन और अन्य प्रकार का गीला कचरा मटका खाद बनाने में उपयोग करें। इससे सोर्स पर ही कचरे को कम करने में सहयोग मिलेगा।
4- हमारी पुरानी अनुपयोगी सामग्री किसी अन्य की आवश्यकता को पूरा कर सकती है तो उसे सही जगह पहुंचाने में सहयोगी बने। निगम प्रशासन द्वारा निर्मित नजदीकी त्त्त् सेंटरों में पुरानी किताबों, बर्तनों, फर्नीचर, कपड़े आदि अन्य पुरानी वस्तुओं को पहुंचाऐं।
5- बाजार जाते समय कपड़े का थैला अवश्य लेकर जाएँ, कागज के रेपर में सामग्री लें। सिंगल यूज प्लास्टिक पॉलीथिन का बहिस्कार करें।
6- डिस्पोजल ग्लास, प्लेट चम्मच आदि सिंगल यूज उत्पादों का उपयोग न करें। इनकी जगह कांच/चीनीमिट्टी/स्टील आदि अन्य पुनःउपयोगी पदार्थों से निर्मित ग्लास, कटोरी, प्लेट चम्मच, बॉटल आदि का उपयोग करें।
7- पान-गुटखा खाकर यहां वहां न थूकें इससे रेड स्पॉट बनते हैं जो की स्वच्छता में लाल दाग लगाकर बुरा प्रभाव डालते हैं।
8- खुले में पेशाब प्रशाधन न करें इससे शहर के कोनो दीवारों आदि पर यलो स्पॉट बनते हैं जो स्वच्छता पर पीले दाग लगाकर बुरा प्रभाव डालते हैं।नजदीकी पेशाबघर यूरिनल या सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करें।

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