सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का कार्य करेगें – सड़क सुरक्षा मित्र
सागर। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 06 जिलों का चयन किया गया है, जिसमें से सागर एक है। जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम के अंतर्गत सागर जिले में 246 सड़क सुरक्षा मित्रों का चयन किया जाकर माय भारत पोर्टल पर उनका पंजीयन किया गया है। सड़क सुरक्षा मित्रों के चयन में यह तथ्य विशेष तौर पर ध्यान में रखा गया है कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक सड़क दुर्घटनायें घटित हो रही थी। उन क्षेत्रों से मुख्य तौर पर सड़क सुरक्षा मित्रों का चयन किया गया है।
सड़क सुरक्षा मित्रों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 20.02.2026 को पदमाकर सभागार, मोतीनगर सागर में प्रातः 10ः30 बजे से सांय 05ः30 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर कलेक्टर महोदय, सागर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक महोदय, सागर उपस्थित रहेगें तथा अपने उद्बोधन के माध्यम से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेगें। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष तौर पर सेव लाईफ फाउण्डेशन के विशेषज्ञ दिल्ली से प्रशिक्षण हेतु उपस्थित होकर राहवीर योजना, दुर्घटना के कानूनी पहलु तथा वेसिक ट्रामा लाईफ सपोर्ट का प्रशिक्षण प्रदान करेगें। उप पुलिस अधीक्षक, यातायात द्वारा यातायात के नियमों की जानकारी प्रदान की जावेगी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा सड़क सुरक्षा हेतु जिलास्तरीय मैकेनिजम तथा बचाव एवं प्रतिक्रिया समन्वय का प्रशिक्षण दिया जावेगा। रॉयल क्रूजर एजेंसी द्वारा सेफ्टी गीयर का प्रदर्शन किया जावेगा।
प्रशिक्षण में सम्मिलित समस्त प्रतिभागियों का पंजीयन किया जावेगा। पंजीयन के साथ उन्हें परिचय पत्र प्रदान किया जावेगा। कार्यक्रम में चयन पत्र, हेलमेट, सेफ्टी जैकेट, कैप का निःशुल्क प्रदान किया जावेगा। समस्त प्रतिभागियों के लिए दोपहर में भोजन की व्यवस्था भी की गई है। अंत में इस कार्यक्रम की उपयोगिता तथा आभार प्रदर्शन क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा किया जावेगा। इस कार्यक्रम के पश्चात् समस्त सड़क सुरक्षा मित्रों को सर्वाधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र में पदस्थ किया जावेगा तथा उन क्षेत्रों की सड़कों में सुधार के संबंध में प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्राप्त की जावेगी। प्रस्तुत प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर उन सड़कें के रेक्टीफिकेशन का कार्य किया जावेगा।

