राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने खुरई दुष्कर्म मामले में लिया संज्ञान, सागर कलेक्टर और एसपी से 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
सागर। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने खुरई में शासकीय छात्रावास में हुए नाबालिक बालिका से दुष्कर्म के मामले में संज्ञान लिया है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सागर के कलेक्टर और एसपी को पत्र जारी कर 15 दिन में अपनी रिपोर्ट पेश करने से कहा है।
दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग के मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई इसको लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर और एसपी से जबाव मांगा है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मानव अधिकार अधिनियम 1983 की धारा 13 के तहत खुरई में हुए नाबालिग बालिका के दुष्कर्म के मामले में संज्ञान लेते हुए कलेक्टर और एसपी से जबाव मांगा है।
आयोग द्वारा जिन बिंदुओं पर जबाव मांगा हैं उनमें बालिका की सामाजिक इंक्वायरी रिपोर्ट एसआरआई, इंडिविजुअल केयर प्लान आईसीपी रिपोर्ट, रिहैबिलिटेशन प्लान, बालिका को दिए गए प्रतिकर की स्थिति, मामले में नियुक्त सपोर्ट पर्सन की जानकारी सहित सीडब्ल्यूसी द्वारा द्वारा की गई किसी भी अंतरिम राहत की कार्यवाही के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कलेक्टर और एसपी को 15 दिन में अपनी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि खुरई में पीड़िता के मामले में हाई कोर्ट स्वत संज्ञान लेकर उसके सर्वोत्तम हित में अपनी कार्यवाही गत दिवस कर चुकी है।


