फर्जी डीएसपी बनकर नौकरी का झांसा, शाहगढ़ में गिरोह बेनकाब; बोलेरो और वर्दी संग तीन आरोपी गिरफ्तार
सागर : सागर पुलिस ने फर्जी डीएसपी बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक सागर विकाश कुमार शाहवाल के नेतृत्व में थाना शाहगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में शिवम चतुर्वेदी, राजकुमार ठाकुर और सतीश सिंह ठाकुर शामिल हैं। ये तीनों आरोपी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर ठगी करते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने फरियादी से होमगार्ड में नौकरी लगवाने के नाम पर 01 लाख रुपये की मांग की थी।
यह था मामला
फरियादी द्वारा पुलिस को सूचना दी गई कि शिवम चतुर्वेदी, जो स्वयं को जबलपुर में पदस्थ डीएसपी बताता था ने होमगार्ड में नौकरी लगवाने के एवज में एक लाख रुपए की मांग की है। आज बुधवार को को शिवम चतुर्वेदी अपने दो साथियों के साथ पुलिस वर्दी में एक बिना नंबर की नई बोलेरो वाहन से ‘चायगढ़ कैफे’ शाहगढ़ पहुंचा।
फरियादी को तीनों के फर्जी होने का संदेह होने पर तत्काल थाना शाहगढ़ पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में पाया गया कि वे वास्तविक पुलिस अधिकारी/कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी जबलपुर के
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी शिवम चतुर्वेदी,फर्जी DSP, दो फर्जी आरक्षक राज कुमार ठाकुर औरसतीश सिंह ठाकुर निवासी बरही, जबलपुर के है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही कर रही है।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप खरे, सउनि लोकविजय सिंह, प्रधान आरक्षक हरिराम, संतोष कुमार, खूबसिंह यादव, आरक्षक दिनेश साहू, सुरेन्द्र लोधी, लखन पटैल, दुर्गेश, बॉबी, उमाशंकर, अभिषेक एवं महिला आरक्षक सुष्मा का विशेष एवं प्रशंसनीय योगदान रहा।


