सागर विकास पर एक्शन मोड में एसीएस, आवास-सीवरेज-स्मार्ट सिटी कार्यों को तय समय में पूरा करने के निर्देश
सागर। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (नगरीय विकास एवं आवास) संजय दुबे ने सागर प्रवास के दौरान शहर में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की सघन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरे करने के कड़े निर्देश दिए।
आवास परियोजनाओं पर विशेष ध्यान: मैनपानी और कनेरादेव
ए सी एस श्री दुबे ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति पर चर्चा करते हुए दो प्रमुख निर्णय लिए, भूमि हस्तांतरण- मैनपानी आवास परियोजना की राह में आ रही प्रशासनिक अड़चनों को दूर करते हुए उन्होंने निर्देश दिये कि राजस्व विभाग की भूमि को तत्काल नगर निगम के नाम हस्तांतरित किया जाए। इससे परियोजना के विस्तार और बुनियादी ढांचा तैयार करने में गति आएगी।
दूसरा डेडलाइन तय- कनेरादेव आवास परियोजना के हितग्राहियों के लिए बड़ी खुशखबरी देते हुए उन्होंने अधिकारियों को 15 अप्रैल तक हर हाल में गृह प्रवेश कराने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने कहा कि फिनिशिंग कार्य युद्धस्तर पर पूरे किए जाएं ताकि गरीब परिवारों को समय पर अपना घर मिल सके।
**सीवरेज सिस्टम: 60 हजार घरों को जोड़ने का लक्ष्य**
शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर ए सी एस ने लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन कम्पनी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के तहत निर्धारित सभी 60,000 सीवरेज कनेक्शन अनिवार्य रूप से प्रदान किए जाने के निर्देश दिये।उन्होंने कहा है कि सड़कों की खुदाई के बाद उनका रेस्टोरेशन (मरम्मत) कार्य गुणवत्ता के साथ किया जाए ताकि जनता को आवागमन में परेशानी न हो।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की कार्यक्षमता का भी परीक्षण नियमित रूप से हो।
**सागर स्मार्ट सिटी के कार्यों की सराहना**
एसीएस श्री संजय दुबे ने अपने सागर प्रवास के दौरान स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्मार्ट सिटी द्वारा किए जा रहे कार्यों और अमृत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की। उन्होंने कहा कि सागर शहर में स्मार्ट सिटी के कार्य दिखते हैं, जिससे शहर और सुंदर एवं व्यवस्थित हो गया है।
**स्वच्छ सर्वेक्षण: रैंकिंग सुधारने पर जोर**
आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर श्री दुबे ने नगर निगम की टीम को ‘एक्शन मोड’ में रहने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सफाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कचरे का सही प्रबंधन (Source Segregation) और सौंदर्यीकरण भी आवश्यक है। उन्होंने वार्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने और नागरिकों को इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना , स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना, स्वनिधि, शहरी सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत जीआईएस, एमपीएचएस प्रोजेक्ट, ई-नगर पालिका जैसे विभिन्न विषयों की भी समीक्षा की।
उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और उत्तरदायी अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं हुए, तो सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्मार्ट सिटी के कार्यों और अमृत योजना की भी समीक्षा की।
बैठक में संभागायुक्त श्री अनिल सुचारी, कलेक्टर श्री संदीप जी आर, नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री, श्री मेघ तिवारी, श्री सचिन मसीह, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि सहित भोपाल और सागर के वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।

