Saturday, January 24, 2026

विषय विशेषज्ञों के विचारों को आत्मसात करने और क्रियान्वयन में ही है प्रशिक्षण की सार्थकता अरविंद जैन- जिला शिक्षा अधिकारी

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विषय विशेषज्ञों के विचारों को आत्मसात करने और क्रियान्वयन में ही है प्रशिक्षण की सार्थकता अरविंद जैन- जिला शिक्षा अधिकारी
सागर। महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को और व्यापक एवं प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाने के लिए सागर माइंड केयर के निदेशक डॉ. एस के गुप्ता और शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के मध्य एमओयू पर भी हस्ताक्षर हुए।
               विद्यार्थियों में बढ़ रही चिंता, मानसिक तनाव एवं अवसाद आत्महत्या की प्रवृत्ति की रोकथाम एवं उनके समग्र कल्याण में शिक्षकों की भूमिका को समझाने,मानसिक समस्याओं के लक्षण को पहचानने में उन्हें सक्षम बनाने हेतु उच्च शिक्षा मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर सरोज गुप्ता के मार्गदर्शन में महाविद्यालय के मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र और सागर माइंड केयर के संयुक्त तत्वाधान में एकदिवसीय जिला स्तरीय फैकल्टी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के शंकराचार्य सभागार में किया गया। इस कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के लिए सागर जिले में कार्य कर रही संस्था सागर माइंड केयर के निदेशक डॉक्टर एस के गुप्ता तथा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार सागर जिले में मानसिक स्वास्थ्य पर कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में गठित किए गए जिला स्तरीय कार्य दल के सदस्य श्री अरविंद जैन जिला शिक्षा अधिकारी, सागर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ संजय प्रसाद,सीनियर डेमोंस्ट्रेटर डॉ संजय जैन,क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ.छवि अग्रवाल, सामाजिक न्याय एवं सहकारिता विभाग से श्री आदर्श शैलार, इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज सागर से सहायक प्राध्यापक डॉ मनीष कुमार सोनी, सहायक उप निरीक्षक श्री संदीप तिवारी,डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय की अतिथि विद्वान डॉ. शारदा विश्वकर्मा अतिथि के रूप में मंचासीन रहे।
 कार्यक्रम का शुभारंभ वाग्देवी मां शारदे की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। महाविद्यालय द्वारा अतिथियों के स्वागत सम्मान की औपचारिकताओं के पश्चात महाविद्यालय की प्राचार्य और मानसिक स्वास्थ्य पर जिला स्तरीय कार्यदल की सचिव डॉ. सरोज गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय उदबोधन में कहा कि युवा देश की अमूल्य निधि है जिसे सुरक्षित एवं संवर्धित करने का दायित्व शिक्षक समुदाय का है। प्राचीन भारत की गुरु-शिष्य परंपरा में गुरु अपने शिष्य के संपूर्ण कल्याण को सुनिश्चित करते थे हमें अपनी इसी परंपरा का निर्वाहन करते हुए छात्रों के समग्र कल्याण पर कार्य करना है। मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय की व्यस्त जीवन शैली में बच्चे अकेलेपन का शिकार हो रहे हैं माता-पिता की अनुपस्थिति में वे तकनीक का दुरुपयोग कर मानसिक अवसाद की ओर बढ़ जाते हैं ऐसे में शिक्षकों का सहयोगी और स्नेहपूर्ण व्यवहार छात्रों को विपरीत परिस्थितियों से बाहर ला सकता है। मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सार्थकता तभी संभव है जब हम विषय विशेषज्ञों द्वारा बताई गई बातों को सजगता से सुने और छात्र हित को अपना कर्तव्य मानते हुए ईमानदारी से इसके लिए प्रयास करें।
     विषय को विस्तार देते हुए सागर माइंड केयर के निदेशक डॉ. एस के गुप्ता ने महाविद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील की आवश्यकता, मानसिक रोगों के लक्षण तथा रोगों के निदान एवं परामर्श सहायता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए IQके साथ ही EQ एवं SQ भी उतना ही जरूरी है । उचित जानकारी के अभाव में मानसिक तनाव गंभीर मनोरोग या आत्महत्या के रूप में हमारे समक्ष आता है इससे बचने के लिए हमें सही समय पर लक्षणों को पहचान एवं सही मार्गदर्शन देने की आवश्यकता है।
विषय विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. छवि अग्रवाल ने कहा कि बच्चों में मानसिक चिंता अवसाद और तनाव की स्थिति को पहचानने में माता-पिता की तुलना में शिक्षक अधिक प्रभावी भूमिका निभाते हैं क्योंकि विद्यार्थी उनकी सतत निगरानी में रहते हैं ,साथ ही उन्होंने चिंता मानसिक तनाव अवसाद एवं विभिन्न मानसिक बीमारियों के लक्षणों और समस्याग्रस्त विद्यार्थी को किस प्रकार के भावनात्मक समर्थन की आवश्यकता होती है उस पर अपने विचार रखें।इसी क्रम में आगे डॉ. शारदा विश्वकर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया ।उन्होंने स्ट्रेस, मेंटल इलनेस और मेंटल हेल्थ क्राइसिस में अंतर समझाया तथा प्रत्येक महाविद्यालय में मानसिक तनाव एवं चिंता से ग्रस्त विद्यार्थियों की पहचान करने एवं मनोवैज्ञानिक फर्स्ट एड दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं सागर जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के मानसिक स्वास्थ्य क्लब के प्रभारी एवं सदस्यों और विद्यार्थी प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर राणाकुंजर सिंह ने किया जबकि आभार डॉ रेणु सोलंकी ने माना।

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