किन्नर मोना की मौत और रानी के धर्मांतरण के आरोपों को लेकर की कार्यवाही
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने सागर एवं टीकमगढ़ एसपी को दिए नोटिस
सागर। टीकमगढ़ में किन्नर मोना की मौत और सागर में किन्नर रानी ठाकुर के धर्मातंरण का दवाब बनाने के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने सागर एवं टीकमगढ़ एसपी को नोटिस जारी किए हैं। आयोग की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि 15 जनवरी को आयोग को शिकायत मिली जिसका 16 जनवरी को अवलोकन किया गया। इसके पश्चात आयोग को पीएचआर अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत यह मामला गंभीर प्रतीत हो रहा है जिसके तहत संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी कर अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की खंडपीठ की अध्यक्षता श्री प्रियांक कानूनगो ने की। आयोग सदस्य श्री कानूनगो ने मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया है।
आयोग को की गई शिकायत में शिकायतकर्ता, ट्रांसजेंडर समुदाय की सदस्य रानी ठाकुर ने आरोप लगाया कि सहयोगी किरण नायक (जिसे कलीम खान के नाम से भी जाना जाता है) ने उस पर जबरन दबाव डाला था। दूसरों को अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके घर के अंदर एक मस्जिद का निर्माण किया, उन्हें नमाज पढऩे और नॉनवेज खाने के लिए मजबूर किया, किन्नर रानी ने अपनी शिकायत में गौमांस खिलाने और विरोध करने पर शारीरिक हमला करने की बात कही, उसने बताया कि उसके फोन में घटनाओं के वीडियो सबूत हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उनका साथी सहयोगी मोना अहिरवार (राकेश) ने कुंडेश्वर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस्लाम कबूल करने से इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
शिकायतकर्ता ने आयोग से मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए अनुरोध किया है कि जबरन धर्म परिवर्तन और आरोपियों द्वारा की गई हिंसा के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया मानवीय अधिकारों का हनन प्रतीत होते हैं। मामले में पीड़ितों के अधिकार अधिनियम के तहत एसएसपी को नोटिस जारी करने का निर्देश रजिस्ट्रार को दिया गया है।
सागर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़, मप्र को नोटिस जारी कर आरोपों की जांच कराने के निर्देश दिये गए हैं। आयोग की ओर से भी शिकायत की जांच की जाएगी और दो सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। सागर एवं टीकमगढ़ एसपी को निर्देश दिए गए है कि मामले में आयोग को 2 सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भेजी जाए।

