MP : साल के पहले दिन बदला मौसम का मिजाज, कोहरे की गिरफ्त में 16 जिले, 3 जनवरी से फिर बढ़ेगी ठंड
भोपाल। मध्यप्रदेश में नए साल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अलग तस्वीर पेश की। कड़ाके की सर्दी से थोड़ी राहत जरूर महसूस हुई, लेकिन प्रदेश के उत्तरी इलाकों में कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। गुरुवार सुबह 16 जिलों में घनी धुंध छाई रही, वहीं 5 जिलों में बादलों की आवाजाही देखी गई। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि यह राहत अस्थायी है और 3 जनवरी से एक बार फिर ठंड का असर तेज होगा।
गुरुवार को श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड और दतिया में दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। दतिया में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे, जहां घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर करीब 50 मीटर तक सिमट गई। इसके अलावा खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, नर्मदापुरम, खरगोन, दमोह और गुना सहित कई जिलों में भी कोहरे का असर दर्ज किया गया। शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही बना हुआ है, हालांकि ठंड की तीव्रता फिलहाल कम महसूस की जा रही है।
3 से 5 जनवरी तक चेतावनी, ठंड और कोहरा बढ़ेगा
मौसम विभाग के अनुसार 3, 4 और 5 जनवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों में घना कोहरा छाने की संभावना है। इसमें मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इस दौरान न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से ठंड का असर और बढ़ सकता है।
कोहरे से यातायात प्रभावित, ट्रेनें लेट
घने कोहरे का सीधा असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें अपने तय समय से काफी देर से पहुंचीं। कुछ ट्रेनों की देरी 8 से 10 घंटे तक रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पचमढ़ी और कल्याणपुर में सबसे ज्यादा ठंड
नए साल की शुरुआत में सबसे कम तापमान प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में दर्ज किया गया, जहां रात का पारा 5.4 डिग्री सेल्सियस रहा। शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शिवपुरी, खजुराहो, अमरकंटक, राजगढ़, नौगांव, उमरिया, मंडला, मलाजखंड, टीकमगढ़, दतिया, नरसिंहपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा और इंदौर जैसे शहरों में भी तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
जनवरी में भी सर्दी का असर जारी रहने के संकेत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस सर्दी के मौसम में मध्यप्रदेश पहले ही कई रिकॉर्ड तोड़ चुका है। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल पुराने रिकॉर्ड टूट चुके हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जनवरी महीने में भी ठंड का यही रुख बना रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में माइनस लेवल की ठंड जैसी स्थिति बन चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में शीतलहर, कोल्ड डे और घने कोहरे की घटनाएं आम हो सकती

