विजय शाह के विवादित बयान पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई,कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर टिप्पणी का मामला
नई दिल्ली / इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा मामला आज सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। यह टिप्पणी पिछले साल 11 मई 2025 को इंदौर जिले के महू क्षेत्र में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दी गई थी, जिसे लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
छह महीने बाद फिर सुनवाई
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पिछली सुनवाई 28 जुलाई 2025 को हुई थी। इसके करीब छह महीने बाद आज एक बार फिर शीर्ष अदालत में बहस होगी। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई माफी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी और उसे अपर्याप्त बताया था।
महू के कार्यक्रम में दिया गया बयान
11 मई 2025 को इंदौर के महू स्थित रायकुंडा गांव में ‘हलमा सभा’ नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में विजय शाह मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए थे। मंच से संबोधन के दौरान उन्होंने सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। उनके बयान में कर्नल कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताए जाने का आरोप है, जिसे लेकर व्यापक विरोध हुआ।
बयान के बाद बढ़ा विवाद
कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में आक्रोश फैल गया। मामला अदालत तक पहुंचा और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर 14 मई 2025 को महू के मानपुर थाने में विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
एफआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मंत्री
एफआईआर दर्ज होने के बाद मंत्री विजय शाह ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। 19 मई 2025 को हुई सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्री को फटकार लगाई थी।
अदालत की सख्त टिप्पणी
उस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विजय शाह एक सार्वजनिक पद पर हैं और उनके शब्दों का समाज पर असर पड़ता है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि माफी केवल औपचारिक नहीं होनी चाहिए और उसमें अपने कृत्य के प्रति वास्तविक स्वीकारोक्ति दिखनी चाहिए।
जुलाई की सुनवाई में माफी पर सवाल
28 जुलाई 2025 को हुई सुनवाई में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने विजय शाह की ऑनलाइन माफी को लेकर गंभीर आपत्ति जताई थी। अदालत ने कहा था कि माफी में जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात स्वीकार नहीं की गई, जिससे उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। कोर्ट ने मंत्री से आत्ममंथन करने और अपने आचरण पर विचार करने की बात भी कही थी।
आज फिर अदालत की नजर
अब छह महीने बाद यह मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के सामने है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत आज इस प्रकरण में क्या रुख अपनाती है और आगे की कानूनी दिशा क्या तय होती है।
विजय शाह के विवादित बयान पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई,कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर टिप्पणी का मामला
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