हफसिली डेयरी स्टेट बदहाली का शिकार: तीन साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं को तरसते पशुपालक

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हफसिली डेयरी स्टेट बदहाली का शिकार: तीन साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं को तरसते पशुपालक

सागर शहर को पशु विचरण मुक्त बनाने के उद्देश्य से नगर निगम व स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत डेयरियों का विस्थापन हफसिली में किया गया था, लेकिन करीब तीन साल बाद भी यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। शनिवार दोपहर 2 बजे हमने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर निरीक्षण किया तो कई समस्याएं सामने आईं।

पशुपालक संघ अध्यक्ष मुकेश पांडे ने बताया कि वर्तमान में 55 पशुपालक यहां रह रहे हैं, जबकि शहर में अब भी कई डेयरियां संचालित हैं। पानी की समस्या तो काफी हद तक हल हो गई है, लेकिन 700 मीटर नाली का निर्माण अब तक नहीं हुआ है। सब-स्टेशन का काम अधूरा है और करीब 15 बिजली पोल नहीं लगने से रात में अंधेरा रहता है। सबसे बड़ी समस्या पशु चिकित्सक की कमी है। पशु चिकित्सालय में स्थायी डॉक्टर नहीं है। केवल एक असिस्टेंट वेटरनरी फील्ड ऑफिसर डबल चार्ज में तैनात हैं, जिन्हें रजौआ का भी प्रभार है। पशुपालकों का कहना है कि निजी डॉक्टर बुलाने पर करीब दो हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं।

पशुपालकों ने डेयरी स्टेट से बम्होरी रेंगुवा तक सड़क निर्माण पशु बाजार को हफसिली में ही संचालित करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अभी कुछ लोग अवैध रूप से पगार में पशु बाजार संचालित कर रहे हैं उसको तत्काल बंद कराया जाए पशुपालको ने कहा कि सुविधाएं पूरी नहीं होने तक विस्थापन का उद्देश्य पूरा नहीं होता

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