साग़र। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लंबे समय से युवाओं से लाखों रुपए की ठगी करने वाला शातिर ठग अमन पाठक आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है। मोतीनगर थाना पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। अमन पाठक सोशल मीडिया के जरिए फर्जी पहचान बनाकर ठगी की साजिश को अंजाम दे रहा था और खुद को रसूखदार नेताओं का प्रतिनिधि बताकर लोगों को झांसे में लेता था। जानकारी के अनुसार, अमन पाठक पिछले कई महीनों से इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकारी नौकरी के फर्जी विज्ञापन डालकर युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा था। वह अधिकतर एक महिला नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी संचालित करता था, जिससे युवक आसानी से उसके बहकावे में आ जाते थे। नौकरी दिलाने का भरोसा देकर वह उनसे बड़ी रकम ऐंठ लेता था। सागर जिले के मकरोनिया, सिविल लाइन, मोतीनगर सहित कई थानों में उसके खिलाफ दर्जनों शिकायतें दर्ज थीं। इसके बावजूद वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए ठग के पैटर्न को समझा। जैसे ही अमन ने फिर से अपने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट पर सरकारी नौकरी से जुड़ा विज्ञापन डाला, पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस टीम के एक सदस्य ने नौकरी के इच्छुक युवक के रूप में संपर्क किया। बातचीत के बाद अमन ने एक मोबाइल नंबर दिया और रकम लेकर भोपाल बुलाया। भोपाल पहुंचने पर वह लगातार नंबर बदलकर पुलिस को इधर-उधर घुमाता रहा। पूरा दिन इसी तरह बीत गया। इसके बाद साइबर सेल की मदद से मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस की गई, जिसमें सामने आया कि सभी नंबर एक ही स्थान से संचालित हो रहे हैं। अलसुबह पुलिस ने भोपाल के साकेत नगर स्थित एक फ्लैट पर दबिश दी और अमन पाठक को गिरफ्तार कर लिया।
नेम प्लेट लगाकर दिखाता था रौब
पुलिस ने अमन के पास से एक हुंडई वरना कार भी जब्त की है, ये वही कार है जिस पर उसने खुद को डिप्टी सीएम का प्रतिनिधि बताने वाली नेम प्लेट लगा रखी थी। सूत्रों के अनुसार, उसके साथ अन्य युवक और एक युवती भी मौजूद थे। फिलहाल पुलिस अमन से पूछताछ कर रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद ठगी से जुड़े कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
नेताओं का नजदीकी बताता था
अमन पाठक खुद को उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का प्रतिनिधि और विधायक संजय पाठक सहित अन्य नेताओं का रिश्तेदार बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था। इसी रसूख का हवाला देकर वह युवाओं को भरोसे में लेता और ठगी करता था।

