कलेक्टर के निर्देश का असर: शाहगढ़ बालिका छात्रावास में निरीक्षण के 2 घंटे के भीतर शुरू हुआ बाउंड्रीवॉल का निर्माण
सागर। जिले में बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा को लेकर प्रशासन सजगता से कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर ने शाहगढ़ स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में खामी पाते ही कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल बाउंड्रीवॉल निर्माण के निर्देश दिए। प्रशासन की मुस्तैदी का असर यह रहा कि निर्देश के महज दो घंटे के भीतर निर्माण सामग्री और श्रमिकों के साथ दीवार का कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ हो गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री विकास शाहवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, एसडीएम श्री नवीन सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी एवं छात्राएं मौजूद थीं।
सुरक्षा व्यवस्था का सूक्ष्म निरीक्षण
कलेक्टर ने छात्रावास परिसर के कोने-कोने का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने पाया कि बाउंड्रीवॉल न होने के कारण छात्राओं की सुरक्षा में चूक की संभावना बनी रहती है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “बालिकाओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही क्षम्य नहीं।”
छात्राओं के साथ ‘संवाद’: सपनों को दी नई उड़ान
निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने छात्रावास की बालिकाओं के साथ सीधा संवाद किया। एक अभिभावक की तरह छात्राओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि वे लक्ष्य बड़ा रखें उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे डॉक्टर और इंजीनियर बनने के लिए जी-तोड़ मेहनत करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संसाधन और आर्थिक कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।
उड़ान योजना का लाभ
कलेक्टर ने विशेष रूप से ‘उड़ान योजना’ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे इस योजना के माध्यम से छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्कृष्ट तैयारी कर सकती हैं और डॉक्टर इंजीनियर बन सकती है।
कलेक्टर ने वार्डन को कड़े निर्देश दिए गए कि बिजली, शुद्ध पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था में कोई कमी न रहे हमारा उद्देश्य है कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली हमारी बेटियों को घर जैसा सुरक्षित और शैक्षणिक माहौल मिले। बाउंड्रीवॉल का कार्य त्वरित गति से पूरा होगा। बेटियां केवल पढ़ाई पर ध्यान दें, सुरक्षा की चिंता प्रशासन करेगा।

