दीनदयाल नगर मकरोनिया बस्ती का हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम संपन्न हुआ
सागर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में दीनदयाल नगर मकरोनिया बस्ती में विशाल हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महंत केशव गिरी महाराज श्री राम दरबार मंदिर मकरोनिया, बाल ब्रह्मचरिणी डॉक्टर अल्पना दीदी वंदना दीदी, श्री श्री 108 श्री महात्मा कमलदास ब्रह्मचारी गुरु रविदास धर्म स्थान कुल्ल बहरोल एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महाकौशल प्रांत की सह प्रांत कार्यवाह श्री विनोद जी नेमा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का आरंभ पंच पूजा जिसमें पृथ्वी माता, गौमाता तुलसी माता, हवन और कन्या पूजन के पश्चात विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई जिसमें गुरुकुल सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों द्वारा मलखम,लघु नाट्य, जूनियर पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा हम करें राष्ट्र आराधन, ज्ञानगंगा स्कूल के बच्चों द्वारा अनेकता में एकता नृत्य , हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा योग डेमोंसट्रेशन की प्रस्तुति की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महंत केशव गिरी महाराज ने अपने उद्बोधन में नागरिक कर्तव्य एवं सामाजिक समरसता के विषयों को विस्तृत रूप से बताया उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करना चाहिए अपने कार्य द्वारा किसी भी बंधु को कष्ट या असुविधा न हो किसी भी प्रकार से अपने कृतों से सरकारी संपत्ति का नुकसान ना हो सरकार द्वारा बनाये गये नियमों का पालन करना चाहिए, वाहन चलाते समय यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए।
सामाजिक समरसता के ऊपर प्रकाश डालते हुए का कहा है कि 84 लाख योनियों के बाद हमें मनुष्य तन मिला है और भारत जैसी पवित्र भूमि में जन्म हुआ है जहां राम ,कृष्ण, मीरा, कबीर ,विवेकानंद, राजगुरु, शंकराचार्य जैसे महापुरुषों का जन्म हुआ है उस पवित्र भूमि पर हमें जन्म मिला है यह हम सब हिंदुओं के लिए परम सौभाग्य की बात है हमें वतन के लिए कुछ करने का अवसर मिले तो पीछे नहीं हटना चाहिए ।जाति ,वर्ण भेद के बिना समाज की सभी लोगों के बीच प्रेम व सहयोग सद्भाव और समानता का भाव रखना चाहिए।
डॉक्टर अल्पना दीदी ने अपने उद्बोधन में पांच परिवर्तन मैं महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला, जिसमें स्वदेशी यानी स्वभाषा का आग्रह किया वेशभूषा में भारतीय दर्शन विदेशी वस्तुओं का न्यूनतम प्रयोग घर में बने भारतीय व्यंजन का प्रयोग, पर्यावरण, घर में होने वाले आयोजनों में प्लास्टिक का उपयोग बंद करना जल के अपव्यय को रोकना, वृक्ष लगाना, कुटुंब प्रबोधन सप्ताह में कम से कम एक बार सपरिवार पूजन करना आपस में संवाद के दौरान मोबाइल का उपयोग ना करना भारतीय परिधान का उपयोग करना परिवार के साथ देव दर्शन के लिए जाना।
महात्मा कमलदास ब्रह्मचारी द्वारा अपने उद्बोधन में सर्वेभवंतु सुखिन अर्थात हिंदुत्व में संपूर्ण सृष्टि के साथ एकात्म भाव होने के कारण पूरी वसुधा को अपना कुटुंब माना है सारा जगत एक ही परिवार है अतः कहीं भी ऊंच नीच का भाव नहीं बंधुत्व का ही भाव है हम सब कल्याण की कामना करते हैं नारी सम्मान और आचरण की शुद्धता पर जोर दिया ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विनोद जी नेमा साह प्रांत कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने संघ की 100 वर्ष की संघ यात्रा का वर्णन किया ,1925 में संघ की स्थापना के समय की परिस्थितियों, देश की विभाजन के समय स्वयंसेवकों के द्वारा शरणार्थी शिबरों में रह रहे हिंदुओं के लिए राहत कार्य,संघ पर लगे प्रतिबंधों एवं संघ द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य, श्री राम मंदिर आंदोलन में संघ की भूमिका हिंदू समाज के स्वाभिमान की लड़ाई, रामसेतु बचाओ आंदोलन,कश्मीर में धारा 370 हटाई जाने आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं जनसमूह उपस्थित रहा कार्यक्रम में भोजन प्रसादी की व्यवस्था रही। कार्यक्रम समापन पर आभार प्रदर्शन राजा रिछारिया के द्वारा किया गया।
खबर गजेंद्र ठाकुर 9302303212

