मध्यप्रदेश विधानसभा में विशेष सत्र आज, राज्यपाल करेंगे 7 दशक की यात्रा पर प्रदर्शनी का शुभारंभ
भोपाल। विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के विज़न पर चर्चा करने के लिए मध्यप्रदेश विधानसभा के 70 वें वर्ष में प्रवेश पर 17 दिसंबर को आहूत एक दिवसीय सत्र की कार्यवाही के साक्षी विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के लगभग 400 विद्यार्थी भी बनेंगे। वे एक दिवसीय विशेष सत्र के दाैरान विधानसभा का भ्रमण करेंगे, इस अवसर पर लगाई गई विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही को देखेंगे।
उल्लेखनीय है कि माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की पहल पर 17 दिसंबर 2025, बुधावार को एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर विधानसभा में मध्यप्रदेश विधानसभा की 7 दशक की यात्रा एवं मध्यप्रदेश सरकार के दो वर्ष के कार्यों पर केन्द्रित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है, जिसका उद्घाटन माननीय राज्यपाल श्री मंगु भाई पटेल करेंगे।
एक दिवसीय विशेष सत्र में मध्य प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने पर चर्चा होगी। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में संपूर्ण राष्ट्र “ विकसित भारत” के संकल्प की सिद्धी की ओर अग्रसर है। विकसित भारत के लिए विकसित मध्यप्रदेश आवश्यक है और इसमें विधायिका की अपनी भूमिका और दायित्व है।
इस अवसर पर 17 दिसंबर को शाम को विधानसभा के मानसरोवर सभागार में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया है। जिसमें विभिन्न कला समूह रंगारंग प्रस्तुति देंगे।
17 दिसंबर को प्रातः 10.00 बजे माननीय राज्यपाल महोदय श्री मंगु भाई पटेल विधानसभा परिसर में विधानसभा की 7 दशक की यात्रा पर चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, मंत्रिगण, सदस्यगण, पूर्व विधायक एवं अन्य गणमान्य जन उपास्थित रहेंगे। इस ऐतिहासिक चित्र प्रदर्शनी मे 136 चित्र लगाये गये है । इसमें कुछ दुर्लभ चित्र भी सम्मिलित हैं। ये चित्र प्रथम विधानसभा से वर्तमान सोलहवीं विधानसभा के विभिन्न महत्वपूर्ण अवसरों के हैं।
यह प्रदर्शनी आम नागारिकों के लिए भी खुली रहेगी, वे 18 से 25 दिसंबर के बीच विधानसभा में प्रवेश पत्र बनवा कर प्रदर्शनी देख सकते हैं। प्रवेश पत्र के लिए आधार कार्ड लाना आवश्यक रहेगा। इस प्रदर्शनी के साथ मध्यप्रदेश सरकार के विकास कार्यों के भी छाया चित्र लगाए गए है, जिसमें प्रदेश सरकार के 2 वर्ष के कामकाज का लेखा−जोखा रखा गया है । यह ऐतिहासिक प्रदर्शनी मध्यप्रदेश के 5 हजार से अधिक जन प्रतिनिधियों के योगदान को भी याद कराती है।


