भोपाल। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप विजेता खिलाड़ी क्रांति गौड़ को शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस में सम्मानित किया। मध्य प्रदेश की इस होनहार बेटी ने हाल ही में देश का नाम रोशन किया है, जिसके सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में खेल जगत और प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्रांति गौड़ को स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रांति जैसी बेटियां न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री ने की पिता की बहाली की घोषणा
सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह, जो फिलहाल निलंबन की स्थिति में हैं, उन्हें पुलिस विभाग में पुनः बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार उन परिवारों के साथ खड़ी है जिनकी बेटियों ने अपने परिश्रम और लगन से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
डॉ. यादव ने आगे कहा कि छतरपुर जिले की धरती ने हमेशा प्रतिभाएं दी हैं, और अब वहां की बेटियों को बेहतर अवसर देने के लिए सरकार एक नया स्टेडियम बनवाने की योजना पर काम करेगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छतरपुर से और भी नई-नई ‘क्रांतियां’ निकलें जो भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करें।”
जबलपुर में होगा राज्य स्तरीय सम्मान समारोह
मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर जबलपुर में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर क्रांति गौड़ को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेशभर के खिलाड़ी, कोच और खेल अधिकारी शामिल होंगे।
समारोह में मौजूद युवा खिलाड़ियों ने भी क्रांति से विश्व कप टूर्नामेंट की तैयारियों और उनके अनुभवों के बारे में सवाल पूछे। क्रांति ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीत के पीछे कड़ी मेहनत, अनुशासन और टीम भावना सबसे बड़ा आधार रहा।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा पूरा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों से भी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
उन्होंने कहा, “क्रांति गौड़ जैसी बेटियां आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण हैं। हमें गर्व है कि मध्य प्रदेश की बेटियों ने विश्व मंच पर भारत का झंडा ऊंचा किया है।”

