सागर। सागर-छतरपुर मार्ग पर हीरापुर के घने जंगल में स्थित पांडाछिर के झरने की कम ही लोगों को जानकारी होगी, लेकिन यहां की प्राकृतिक छटा और झरने की कलकल बहती पानी की धारा और आवाज यहां आने वाले लोगों को आनंदित कर देती है। बताया जाता है पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान कुछ दिन यही व्यतीत किए थे जानकार लोग की घने जंगल को पार कर इस झरने तक पहुंच पाते है। यहां के पेड़ ऐसे लगते है, मानों लगाएं आकाश को छू रहीं हो।
यह हीरापुर से कच्चे रास्ते से होते हुए पांच से छह किलोमीटर अंदर जंगल में स्थित है, यहां कभी-कभी वन्य प्राणी भी विचरण करते देखे जाते है। सरकार इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करें तो यहां सैलानियों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय जंगली उत्पाद की पहचान सागर से निकलकर बड़े-बड़े शहरों में होने लगेगी।

