सागर में हत्या के मामले मे सीरियल किलर को आजीवन सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड

सागर में हत्या के मामले मे सीरियल किलर को आजीवन सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड
सागर । सागर में अंतिम हत्या के मामले में सीरियल किलर के आरोपी शिवप्रसाद उर्फ हल्कू धुर्वे को भा.द.वि. की धारा- 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास एवं पॉच हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा से अपर-सत्र न्यायाधीष/विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) प्रषांत सक्सेना जिला-सागर की अदालत नेे दंडित किया ।  मामले की पैरवी विषेश लोक अभियोजक ने की।
जिला अभियोजन सागर के मीडिया प्रभारी ने बताया कि दिनॉक 31.08.22 को रात्रि लगभग 01 बजे सिर मे चोट लगने से आहत मंगल को उसका भतीजा सचिन जिला अस्पताल लेकर पहुॅचा, आहत के माथे पर फटा हुआ घाव था ड्यूटी डाक्टर ने घटना की सूचना थाना प्रभारी गोपालगंज को दी । आहत गंभीर अवस्था में होने से उसे बी.एम.सी. सागर रिफर किया गया बीएमसी सागर मे उप.निरी.एन.एस.ठाकुर ने आहत मंगल अहिरवार के बताने पर धारा- 307 भादवि की देहाती नालिसी लेख की जिसमे उसने बताया कि वह संत रविदास वार्ड में रहता है ग्राम रतौना में भारत पेट्रोल पंप के सामने मकान बनाने में मिस्त्री गिरी का काम करता है रात करीब 09 बजे वह खाना खाकर अकेला सो रहा था कोई अज्ञात व्यक्ति उसे सोते समय जान से मारने की नियत से फावड़े से सिर मे बायी तरफ और सामने माथे मे प्राणघातक चोट पहॅुचाई वह चिल्लाया तो वह व्यक्ति फावड़ा लेकर भाग गया। फिर वह भारत पेट्रोल पंप पर गया वहॉ काम करने वाले लोगो को घटना बताई  108 ऐबुलेंस से उपचार के लिये तिली अस्पताल आया। घटना स्थल थाना मोतीनगर क्षेत्र होने से थाना मोतीनगर में अज्ञात हमलावर के विरूद्ध देहाती नालिसी के आधार पर धारा- 307 की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख की गई । विवचेना के दौरान एफएसएल की टीम, फिंगर पिं्रट की टीम ने घटना स्थल पर पहुॅचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया, घटना स्थल का नक्षा तैयार किया गया , अंगुल चिन्ह् विषेषज्ञ सेवालाल चौधरी द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर संभावित चिन्ह् लेकर पंचनामा तैयार किया गया।विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेखबद्ध; किये गये आहत मंगल की हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई जिस पर से प्रकरण में 302 भादवि का इजाफा किया गया। विवचेना के दौरान आरोपी शिवप्रसाद को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई जिसके आधार पर घटना स्थल से घटना से संबधित महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किये गये,जप्तषुदा समस्त सामग्री को परीक्षण हेतु एफएसएल सागर भेजा गया । थाना-मोतीनगर द्वारा धारा 302 भा.दं.सं., के अंतर्गत आरोपी के विरूद्ध विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। अभियोजन द्वारा मामले में  29 अभियोजन साक्षियों को परीक्षित कराया गया एवं दस्तावेजों को प्रदर्षित एवं विचारण के दौरान जप्तषुदा सामग्री को भी आर्टिकल कराया गया व तर्क प्रस्तुत किये गये । अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया एवं दण्ड के प्रष्न पर आरोपी को मृत्युदंड से दंडित करने के लिये तर्क प्रस्तुत किये गये । जहॉ विचारण उपरांत अपर-सत्र न्यायाधीष/विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) श्रीमान प्रषांत सक्सेना जिला-सागर की न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुये उपर्युक्त सजा से दंडित किया।
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