सागर जिले में पहली बार पेपरलेस मतदान की तैयारी, इस जनपद से होगी शुरुआत डिजिटल लोकतंत्र की ओर बड़ा कदम

सागर जिले में पहली बार पेपरलेस मतदान की तैयारी, बीना जनपद से होगी शुरुआत डिजिटल लोकतंत्र की ओर बड़ा कदम

सागर। जिले में होने वाले आगामी उपचुनाव में इस बार मतदाताओं और मतदानकर्मियों को एक बिल्कुल नई तकनीक का अनुभव होने जा रहा है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप जी.आर. के निर्देशन में सागर जिले में मध्य प्रदेश का पहला पेपरलेस मतदान करवाने की तैयारी जोरों पर है। इसकी शुरुआत बीना जनपद पंचायत और उससे जुड़ी चार ग्राम पंचायतों के चुनाव से होगी।

बीना में यह ऐतिहासिक प्रयोग इसी माह 22 जुलाई 2025 को होने वाले पंचायत एवं जनपद पंचायत चुनावों में किया जाएगा। इस अभिनव पहल का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाकर कर्मचारी संख्या में कमी की चुनौती से निपटना और मतदाताओं को लम्बी कतारों से राहत दिलाना है।

पेपरलेस तकनीक से मतदान केंद्रों पर नहीं लगेगी लाइन

अब तक के चुनावों में मतदाताओं को मतदाता पर्ची से लेकर मतपेटी और कागजी कार्यवाही से होकर गुजरना पड़ता था। लेकिन इस बार डिजिटल मोबाइल डिवाइस और आधुनिक मशीनों के जरिए वोटिंग होगी। इससे मतदान प्रक्रिया तेज होगी और मतदाता बिना अधिक इंतजार किए अपना वोट डाल सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग इस परियोजना को भविष्य के चुनावों के लिए मॉडल बनाने की तैयारी में है।

16 मतदान केंद्रों पर होगा डिजिटल मतदान

इस बार बीना जनपद पंचायत और जिले की चार ग्राम पंचायतों के सरपंच पद हेतु चुनाव होगा। इसके लिए कुल 16 मतदान केंद्रों पर पेपरलेस तकनीक को पूरी तरह लागू किया जाएगा। यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश में पंचायत से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक डिजिटल प्रणाली से कराए जा सकते हैं।

तीन चरणों में होगी पूरी तैयारी

इस ऐतिहासिक पहल को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरी योजना तीन चरणों में तैयार की है।

🔹 पहला चरण (7-8 जुलाई 2025) — तकनीकी प्रशिक्षण और पूर्व निरीक्षण। राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव और चार तकनीकी अधिकारी सागर पहुँचेंगे। वे मतदान केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और मतदान कर्मियों को डिजिटल प्रक्रिया का फील्ड प्रशिक्षण देंगे।

🔹 दूसरा चरण (14-16 जुलाई 2025) — मतदान कर्मियों को प्रैक्टिकल प्रशिक्षण मिलेगा। अवर सचिव संजू कुमारी मतदान दलों को मॉक ड्रिल कराएंगी। सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन, लैपटॉप सेटअप और पूरी चुनावी प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास होगा।

🔹 तीसरा चरण (22 जुलाई 2025) — मतदान के दिन उप सचिव मुकुल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आयोग की टीम पूरी प्रक्रिया का संचालन करेगी। इस बार एसएसएमटी के माध्यम से मतदान सामग्री सीधे मतदान केंद्रों तक पहुँचाई जाएगी, जिससे पीठासीन अधिकारियों को अलग से सामग्री लेने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।

डिजिटल लोकतंत्र की दिशा में ऐतिहासिक पहल

जिला प्रशासन का दावा है कि यह नवाचार पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ाएगा। इससे समय की बचत होगी, खर्च कम होगा और परिणाम जल्दी सामने आएंगे। साथ ही सारे दस्तावेज भी डिजिटल रिकॉर्ड में सहेज लिए जाएंगे, जिससे कोई विवाद या भ्रांति की गुंजाइश न रहे।

अब सबकी निगाहें 22 जुलाई को होने वाले इस पहले पेपरलेस मतदान पर टिकी हैं। अगर यह सफल रहा तो यह न केवल सागर जिले के लिए बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए डिजिटल लोकतंत्र की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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