भारत के संविधान की 75वीं वर्षगांठ: केंद्र सरकार ने वर्षभर के संविधान स्मरणोत्सव की घोषणा की

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भारत के संविधान की 75वीं वर्षगांठ: केंद्र सरकार ने वर्षभर के संविधान स्मरणोत्सव की घोषणा की

नई दिल्ली।  भारत के संविधान को अंगीकार किए 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्र सरकार ने पूरे वर्ष संविधान स्मरणोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह उत्सव संविधान दिवस, यानी मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संसद के केंद्रीय कक्ष में लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू होगा।

संविधान पर समर्पित लघु फिल्म, स्मारक सिक्का और डाक टिकट की प्रस्तुति

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भारतीय संविधान के इतिहास और निर्माण पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किए जाएंगे।

पुस्तिका और भाषाओं में संविधान की प्रस्तुति

इस दौरान ‘भारत के संविधान का निर्माण: एक झलक’ और ‘भारत के संविधान का निर्माण और इसकी गौरवशाली यात्रा’ सहित संविधान की कला पर आधारित पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, भारतीय संविधान का संस्कृत और मैथिली में अनुवाद भी प्रस्तुत किया जाएगा। संविधान की प्रस्तावना का औपचारिक वाचन राष्ट्रपति के नेतृत्व में संसद में होगा, और देशभर में सामूहिक वाचन की तैयारी की गई है।

26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया गया

26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को अपनाया गया, जो 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। यह संविधान भारतीय लोकतंत्र की नींव है और देश के नागरिकों को समान अधिकार और स्वतंत्रता प्रदान करता है।

संविधान से जुड़ी वेबसाइट और नागरिकों की भागीदारी

संविधान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘कांस्टीट्यूशन75 डॉट कॉम’ नामक विशेष वेबसाइट बनाई गई है, जहां लोग अपनी पसंदीदा भाषा में संविधान की प्रस्तावना पढ़ सकते हैं, वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं और अभियान में भाग ले सकते हैं। इस वेबसाइट पर संविधान का पूरा पाठ विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है, और साथ ही संविधान निर्माण से संबंधित जानकारी भी दी जाएगी।

एआई चैटबॉक्स और सामूहिक वाचन का अभियान

वेबसाइट पर एक एआई चैटबॉक्स भी है, जिसके माध्यम से नागरिक संविधान और इसके निर्माण से संबंधित सवाल पूछ सकते हैं। संविधान दिवस पर प्रस्तावना का सामूहिक वाचन देशभर में स्कूलों, दफ्तरों और गांवों तक किया जाएगा, और लाखों लोग एक साथ इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे।

डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर विशेष पखवाड़ा

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल से 2025 में विशेष पखवाड़े का आयोजन भी किया जाएगा। सरकार ने वर्षभर चलने वाले इस अभियान के तहत नागरिकों को संविधान के महत्व और इसकी ऐतिहासिक यात्रा से जोड़ने की योजना बनाई है।