Sunday, January 25, 2026

एमपी में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल: ओपीडी बंद, हाईकोर्ट में सुनवाई आज

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एमपी में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल: ओपीडी बंद, हाईकोर्ट में सुनवाई आज

भोपाल।  मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का असर अब निजी अस्पतालों पर भी पड़ने लगा है। राजधानी भोपाल में हमीदिया और एम्स के बाद अब कई प्राइवेट अस्पतालों ने भी अपनी ओपीडी सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया है। शनिवार को अक्षय हार्ट, नेशनल अस्पताल, सिद्धांता सहित अन्य अस्पतालों में केवल इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

हाईकोर्ट में दाखिल हुई याचिकाएं

जबलपुर हाईकोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिनमें डॉक्टरों की हड़ताल को गलत बताया गया है। हाईकोर्ट ने जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूड) को नोटिस जारी किया है, और इस मामले में आज सुनवाई होने की संभावना है।

हड़ताल के चलते शुक्रवार को हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में करीब 38 फीसदी मरीजों की कमी दर्ज की गई, जबकि एम्स में भी स्थिति समान रही, जहां 500 से अधिक मरीज कम पहुंचे।

प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं

एसोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया, एमपी चैप्टर (AHPI-MP) के अध्यक्ष डॉ. अनूप हजेला ने स्पष्ट किया कि प्राइवेट अस्पतालों में केवल इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, और ओपीडी बंद रहेगी। न्यूरो फिजीशियन डॉ. नीरेंद्र राय ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में केवल इमरजेंसी मरीज और भर्ती मरीजों की देखभाल की जाएगी।

हड़ताल का कारण

शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ मध्य प्रदेश के मुख्य संयोजक डॉ. राकेश मालवीय ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों ने डॉक्टरों के लिए कई कानून बनाए हैं, लेकिन एक केंद्रीय कानून की मांग लंबे समय से की जा रही है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के हितों की रक्षा के लिए एक सेंट्रलाइज कानून लाया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट में लगे जनहित याचिका का विवरण

मध्य प्रदेश में डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई है। अधिवक्ता अभिषेक पांडे ने बताया कि जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है, जबकि उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने पहले ही निर्देश दिया था कि मेडिकल सुविधाएं आवश्यक सेवाओं में आती हैं। इस स्थिति में डॉक्टरों को हड़ताल में नहीं जाना चाहिए। इस आदेश के उल्लंघन के खिलाफ पीआईएल दायर की गई है।

इन अस्पतालों में ओपीडी बंद रहेगी:

– नेशनल हॉस्पिटल
– हजेला हॉस्पिटल
– अक्षय हार्ट हॉस्पिटल
– सिद्धांता रेडक्रास हॉस्पिटल
– गेस्ट्रो केयर हॉस्पिटल
– चिरायु
– अन्य प्राइवेट अस्पताल

हड़ताल में शामिल एसोसिएशन:

इस हड़ताल में यूनाइटेड डॉक्टर फेडरेशन, चिकित्सक महासंघ, प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर एसोसिएशन मध्य प्रदेश, मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन मध्य प्रदेश, जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन मध्यप्रदेश, ईएसआई मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन मध्य प्रदेश, मेडिकल ऑफिसर मेडिकल एजुकेशन मध्य प्रदेश और होम डिपार्टमेंट एसोसिएशन मध्य प्रदेश शामिल हैं।

मध्य प्रदेश में डॉक्टरों की इस हड़ताल के कारण मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, और उम्मीद है कि हाईकोर्ट की सुनवाई से इस मुद्दे का समाधान निकलेगा।

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