पीएम स्वनिधि ऋण योजना इस तरह बनी आर्थिक संकट में पथविक्रेताओं का सहारा

पी.एम.स्वनिधि ऋण योजना बनी आर्थिक संकट में पथविक्रेताओं का सहारा
सागर// प्रधानमंत्री स्वनिधि ऋण योजना लाॅक डाॅऊन के दौरान आर्थिक संकट का सामने करने वाले ऐसे व्यवसायी जो छोटा-मोटा धंधा करके अपने परिवार का गुजर बसर करते थे, लेकिन कोरोना काल में अचानक उनका व्यवसाय बंद हो जाने से आर्थिक संकट में पड़ गये थे ऐसे व्यक्तियों को पी.एम.स्वनिधि योजना उनका सहारा बनी और वे इस सहारे की बदौलत धीरे-धीरे आर्थिक रूप से खड़े हो गये जिससे उनके परिवार की आर्थिक गाड़ी पटरी पर आ गई। ऐसा मानना उन्हीं लोगों का है जिन्होने प्रधानमंत्री स्वनिधि ऋण योजना से रू. 10 हजार की राशि लेकर पुनः अपना व्यवसाय प्रारंभ किया है।
परकोटा निवासी मेहबूब खान बताते है कि वह हाथ ठेले पर होेजरी की दुकान लगाते थे, लेकिन लाॅकडाउन लगने से उनकी यह दुकान पूर्णतः बंद हो गई जिससे उनके सामने अपने परिवार को चलाने का आर्थिक संकट खडा हो गया जैसे तैसे उन्होनेे लाॅकडाउन के दिन निकाले, लेकिन लाॅक डाउन के बाद पुनः धंधा प्रारंभ करने पूंजी की आवश्यकता थी उसकी पूर्ति प्रधानमंत्री स्व.निधि ऋण योजना के माध्यम से प्राप्त रू. 10 हजार की राशि ने पूरी की जिसके लिये उन्हे कोई ब्याज नहीं देना है और ना बैंक गारंटी देना पड़ी परंतु लक्ष्य बनाया है कि इस ऋण की किश्तों को सही समय पर भरना है ताकि और राशि मिल सके और अपना ध्ंाधा बढा संकू।
एक अन्य हितग्राही शायरा बनो बताती है कि हमारा महिला समूह है और उससे अन्य महिलायें जुड़ी है, जिनके द्वारा स्वयं के द्वारा उत्पाद जैसे बैग, खिलौने, महिला प्रसाधन के अन्य सामान और घरों की अनुउपयोगी सामग्री से सुंदर खिलौने, वस्त्रों की सिलाई, कढाई का कार्य कर आर्थिक लाभ कमाया जा रहा है और सरकार के आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास में सहयोग किया जा रहा है और ऐसी महिलायें जो आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयासरत तो है परंतु उचित मागदर्शन और प्रोत्साहन न मिलने के कारण वे स्वयं का कोई काम नहीं कर पाती थी लेकिन आत्मनिर्भर म.प्र.के अंतर्गत राष्ट्रीय आजीविका मिशन द्वारा ऐसी महिलाओं को उनकी प्रतिभा के अनुसार मार्गदर्शन के साथ साथ मदद भी की जा रही है ताकि महिलायंे आत्मनिर्भर बनकर शहर और प्रदेश की तरक्की में अपना योगदान दें सकें।

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