जिस उम्र में बच्चें माँ की लोरिया सुनते हैं उस उम्र में मैने अपने काम में रुचि दिखाना शुरू कर दिया था: कार्तिकेय

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सपनों के साथ जूनून मिल जाने से उन्हें सच होने से कोई नहीं रोक सकता। शहर के सूबेदार वार्ड निवासी बॉलीवुड के चर्चित बाल कलाकार कार्तिकेय नायक इसी बात को साकार कर रहे हैं। कार्तिकेय बताते हैं कि जिस उम्र में छोटे बच्चे माँ से लोरी सुनना पसंद करते हैं, वे उस उम्र में भी फिल्मी गानों में ज्यादा रुचि रखते थे। बचपन से ही उन्होंने ठान लिया था कि वे एक्टिंग करेंगे और इंडस्ट्री में अपना करियर बनाएंगे।
करीब आठ वर्ष की उम्र से सफर की शुरुआत करते हुए आज कार्तिकेय ने न केवल अपना, अपने परिवार का बल्कि शहर सागर का नाम रोशन किया है। कार्तिकेय को इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ सिनेसिटी कैलिफोर्निया द्वारा बेस्ट चाइल्ड एक्टर का अवार्ड दिया गया है। कार्तिकेय के पिता ने बताया कि ऐसा नहीं है कि कार्तिकेय सब कुछ आसानी से मिल गया हो, कार्तिकेय की सफलता के पीछे कई सालों का संघर्ष और मेहनत है। कार्तिकेय ने बताया कि दिसम्बर शुरुआत में वाय सिने स्टार प्रोडक्शन हाउस द्वारा निर्मित तथा सुरजीत शर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म शाही पनीर में उन्होंने मुख्य नायिका की भूमिका निभाई है।
इसके पहले भी वे कई उम्दा विषयों पर आधारित फिल्म जैसे धीर, बाल सुधार गृह, पेपर रॉकेट, शाही पनीर, एक आशा जैसी कई फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा वे आगे आने वाले समय में कई वैब सीरीज में भी दिखेंगे साथ ही कार्टून चौनल में भी वे डबिंग तथा वॉइस ओवर का कार्य करते हैं।कार्तिकेय का सपना एक्टिंग करना और एक्टिंग में ही अपने करियर को आगे बढ़ाना है। शहर की इस बाल प्रतिभा को शुरुआती दौर में ही इतने बड़े अवार्ड के लिए चयनित किया जाना वाक़ई गर्व की बात है। यह कार्तिकेय की लगन और मेहनत का ही परिणाम है कि बिना किसी सपोर्ट और गॉडफादर के उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनायी है।

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