हमारे द्वारा दी गयी शिक्षा तभी सार्थक हैं जब वो जीवन-यापन के लिए स्वयं के पैरो पर खड़ा हो जाये। रोजगार, स्वरोजगार के द्वारा विद्यार्थी अपने आगामी भविष्य की रचना करते है। कॅरियर अवसर मेला के द्वारा रोजगार के अवसर एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना शासन का नवाचार है। रोजगार के विषय में महाविद्यालय पर भी हेल्पसेन्टर बनाने की पहल होनी चाहिए। डॉ. जी.एस. रोहित प्राचार्य एवं अतिरिक्त संचालक ने कहा कि विभाग की मंशा ऐसे आयोजनों के द्वारा यह है कि विद्यार्थी न केवल रोजगार प्राप्त करे बल्कि रोजगार देने वाले बने। स्थानीय स्तर की आवश्यकता को ध्यान में रखकर स्थापित उद्योगों में सफलता मिलती है अतः शोध परक कार्यों द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं को पता करके उद्योग स्थापित करना चाहिए।