विधुत्त विभाग की गाइडलाइंस- हाईटेंशन लाइन के कितनी दूरी पर बनाये आवास

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वैसे तो देश मे नियमों को कई जगह ताक पर रख लोग कुछ भी कर डालते हैं पर यह वो नियम हैं जहां लोगों को नियम का पालन करना चाहिए क्योंकि यहां दूसरा मौका सायद ही आपको मिले जी हाँ हम बात कर रहें हैं विधुत्त विभाग द्वारा बनाये गए नियमों की 

भोपाल/सागर–आज कल काफी ख़बरे सामने आ रही हैं हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से गंभीर परिणामों की..क्यों हो रहा हैं ऐसा कहा हो रही हैं चूक विभाग ने नियम बना दिये अमल में कोन ले रहा हैं ?

समस्त विद्युत उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता
है कि, भवन निर्माण करते समय केन्द्रीय विद्युत
प्राधिकरण अधिसूचना के अनुसार निम्नानुसार
लाइनों से दूरी बनाएं रखें। लाइनों से पर्याप्त दूरी न
होने पर यदि विद्युत दुर्घटना घटित होती है तब
उपभोक्ता स्वयं जिम्मेदार होगा।
समांतर दूरी लम्बवत दूरी
1- एल.टी. लाईन- 12 मीटर – 2.5 मीटर
2- 11 के.व्ही लाइन- 12 मीटर – 3.7 मीटर
3- 33 के.व्ही लाइन- 2.0 मीटर- 3.7 मीटर
कार्यपालन अभियंता (नगर) संभाग
म.प्र. पू.क्षे.वि.वि.कं.लि. सागर

शहर सहित सागर जिले की बात करे तो यहां हजारों ऐसे मामलें मिल जायेंगे जहाँ लोगो ने नियमों को ताक पर रख कर अपने आवास बना लिए सबसे अधिक मामलें उपनगर मकरोनिया के प्रकाश में आ रहें हैं जहाँ आये दिन दुर्घटनाओं से मौत हो थी हैं लोगो ने एक मंजिला के बाद दूसरी मंजिल मकान भी तान दिये और हाईटेंशन लाइन के नजदीक पहुँच गए

कुछ मामलें शासकीय आवासों के भी सामने आने लगे हैं जहां लोगो को विभिन्न योजनाओं के तहत आवास मुहैया कराए जा रहें हैं पर इनमे भी विधुत्त विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ती दिखाई दें रही हैं लगातार हो रही दुर्घटनाओं का मुख्य कारण विधुत्त लाइन से मकानों की पर्याप्त दूरी में कमी और लाइन के नीचे आवास निर्माण को माना जायेगा

ऐसे मामलों में संबंधित विभाग नोटिश की तैयारियां कर रहा हैं और कहा जा रहा हैं कि बल्क में ऐसे आवासों की लाइन स्वयं के खर्चे पर भी शिफ्ट की जाएगी..

ख़बर का असर न्यूज नेटवर्क के लिए गजेंद्र ठाकुर की ग्राउंड रिपोर्ट

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