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14 साल बाद ओरछा में भाजपा का महामंथन, रामराजा की नगरी से मिशन-2028 की रणनीति पर चर्चा

रिपोर्ट: गजेंद्र ठाकुर
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14 साल बाद ओरछा में भाजपा का महामंथन, रामराजा की नगरी से मिशन-2028 की रणनीति पर चर्चा
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होटल राजमहल में दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत करीब 350 प्रतिनिधि शामिल

ओरछा (निवाड़ी)। रामराजा सरकार की नगरी ओरछा एक बार फिर मध्यप्रदेश की सियासत के बड़े केंद्र के रूप में नजर आ रही है। करीब 14 साल के अंतराल के बाद भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक रविवार से यहां शुरू हुई। होटल राजमहल में आयोजित दो दिवसीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता और करीब 350 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। बैठक में संगठन को और मजबूत करने, बूथ स्तर पर तैयारियां बढ़ाने और मिशन-2028 को लेकर आगे की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है।

रामराजा की नगरी से राजनीतिक रणनीति पर चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चित्रकूट से ओरछा पहुंचे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। खंडेलवाल ने कहा कि संगठन के काम को आगे बढ़ाने के लिए रामराजा सरकार की नगरी से अधिक पवित्र स्थान कोई दूसरा नहीं हो सकता।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ओरछा में भगवान श्रीराम केवल आराध्य नहीं, बल्कि राजा के रूप में विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि रामराज्य की स्थापना भाजपा का लक्ष्य है।

वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यसमिति की बैठक को भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया। उनके मुताबिक, यहां होने वाले मंथन से आने वाले समय में नीतिगत फैसलों और पार्टी की कार्यशैली को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

ध्वजारोहण से शुरुआत, नेताओं ने सुनी ‘मन की बात’

प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सभी नेताओं और प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से श्रवण किया।

बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के 106 सदस्यों के साथ सांसद, मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी भी मौजूद हैं। कुल मिलाकर करीब 350 प्रतिनिधियों की भागीदारी बताई गई है।

बूथ मजबूत करने से लेकर 2028-29 के चुनाव तक रणनीति

कार्यसमिति की बैठक में भाजपा संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा की जा रही है। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए भी रणनीति तैयार की जाएगी।

इसके साथ ही वर्ष 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर मंथन होगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने तथा उनके क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा प्रस्तावित है।

बैठक के एजेंडे में ‘विकसित भारत 2047’ और ‘समरसता का संकल्प’ जैसे विषय भी शामिल हैं।

भाजपा में गुटबाजी की चर्चाओं को नरोत्तम मिश्रा ने बताया काल्पनिक

भाजपा में गुटबाजी और संगठन में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ऐसी चर्चाओं को काल्पनिक बताते हुए कहा कि भाजपा का संगठन मजबूती से काम कर रहा है।

नरोत्तम मिश्रा के मुताबिक पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, नितिन नवीन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है।

रामराजा सरकार के दर्शन के साथ सेवा संकल्प पर चर्चा

कार्यसमिति के पहले दिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और अतिथि रामराजा सरकार के दर्शन भी करेंगे।

बैठक के दूसरे दिन सोमवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत कार्यशाला आयोजित होगी। इसमें सेवा, सुशासन और संगठन के विस्तार से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही भाजपा के आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों की दिशा तय करने पर भी चर्चा होगी।

गजेंद्र ठाकुर
लेखक

गजेंद्र ठाकुर

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